छात्रवृत्ति घोटला: पांच संस्थानों और 21 लोगों पर मुकदमा दर्ज, एक के खिलाफ गैर जमानती वारंट
- एसआईटी ने बाजपुर और जसपुर कोतवाली में दर्ज करवाए
विस्तार
दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले में एसआईटी ने बाजपुर कोतवाली में एक शैक्षिक संस्थान और सात बिचौलियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कराया है। वहीं, जसपुर कोतवाली में चार संस्थानों और 14 लोगों पर केस दर्ज कराया है। वहीं, एसआईटी टीम के एसएसआई महेश कांडपाल ने बताया कि कोर्ट की ओर से फरार आरोपी सुल्तानपुर पट्टी के मोहल्ला शिवनगर निवासी धर्मेंद्र सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट मंजूर हो गया है। आरोपी ने एमडी कॉलेज और यश कॉलेज में विद्यार्थियों को प्रवेश दिखाकर सरकारी धनराशि हड़पी है।
सोमवार को एसआईटी निरीक्षक जीबी जोशी ने बताया कि केलाखेड़ा, बाजपुर, गदरपुर, कुंडा, आईटीआई और काशीपुर के विद्यार्थियों से शैक्षिक दस्तावेज लेकर गलत तरीके से द एडवांस इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन पलवल, फरीदाबाद (हरियाणा) में एडमिशन दर्शाया गया। इसके बाद प्रबंधक, अधिकारी, कर्मचारियों और बैंक के माध्यम से सुनियोजित षड्यंत्र के तहत समाज कल्याण विभाग से सांठगांठ करके 27 छात्रों के नाम पर नौ लाख 40 हजार की धनराशि हड़प ली गई।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर घोटाले में लिप्त द एडवांस इस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन समेत आरोपी काशीपुर के गांव बरखेड़ापांडे के उदयराज, काशीपुर के धर्मवीर सिंह, विक्की सागर, गदरपुर के गांव मझरा विधि निवासी साहब सिंह, जसपुर के मोहल्ला चौहानान निवासी मोनू उर्फ योगेंद्र, जसपुर के महुआखेड़ागंज निवासी दिग्विजय सिंह, जसपुर के गांव भगवंतपुर जसपुर निवासी कमलजीत सिंह पर धारा 120 बी, 409, 420, 466, 467, 468, 471 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
मामले की जांच एसएसआई महेश कांडपाल को सौंपी है। पुलिस के अनुसार बिचौलियों ने क्षेत्र के छात्र-छात्राओें को गुमराह कर उनके शैक्षिक प्रमाण पत्र लिए और संस्थान प्रबंध तंत्र की मिलीभगत से दाखिला दिखाकर सरकार को लाखों रुपये का चूना लगाया। बाजपुर कोतवाली में दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले में चार मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। पुलिस अब तक नामजद छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
इधर, जसपुर में रविवार को एसआईटी प्रभारी बीबी आर्य ने बताया कि पिछले दिनों उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ गैर राज्यों में स्थित शैक्षणिक संस्थानों में अध्ययनरत रहकर समाज कल्याण विभाग से छात्रवृत्ति प्राप्त करने के मामले की जांच की।
छात्र-छात्राओं ने टीम को बताया कि प्रमोद सैनी, सुधा रानी निवासी सूरजपुर, कपिल, अनुकूल चौहान, सत्येंद्र कुमार, दीपक कुमार निवासी टांडा, आशीष राज, सानू गाजी, दिग्विजय सिंह, सिंटू चौहान, चट्टान सिंह, प्रशांत कुमार, महिलाल, गजेंद्र सिंह निवासी जसपुर समेत इंडियन जीआरएफएस हिमाचल प्रदेश, राव मनोहर सिंह कॉलेज हरियाणा, यशवंत राव चौहान कॉलेज महाराष्ट्र, रावलाल कॉलेज गरबा हरियाणा के स्वामी, प्रबंधक, अधिकारी और कर्मचारियों ने छात्रों के कूटरचित दस्तावेज तैयार किए।
प्रवेश के जरिये छात्रवृत्ति आवंटित कराकर सरकार के लाखों रुपये हड़प लिए। इन संस्थानों और लोगों के खिलाफ एसआईटी ने केस दर्ज किया है। विवेचक ललित जोशी ने बताया कि छात्रवृत्ति घोटाले के कोतवाली में सात मुकदमे पहले से ही दर्ज हैं। अब मुकदमों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है।