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छात्रवृत्ति घोटाला: हाईकोर्ट ने आरोपी आईटीआई चेयरमैन की जमानत अर्जी की खारिज
Tue, 03 Dec 2019 09:47 AM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 03 Dec 2019 09:47 AM IST
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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एससी-एसटी छात्रवृत्ति घोटाले के आरोपी और सहारनपुर के छुटमलपुर कमलापुर स्थित कृष्णा प्राइवेट आईटीआई के चेयरमैन अनिल कुमार सैनी की जमानत अर्जी जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके खुल्बे ने खारिज कर दी है।
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अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय को बताया गया कि हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले की जांच के निर्देश दिए थे, इसके बाद एसआईटी की टीम में शामिल भीमताल थाने के उपनिरीक्षक दान सिंह मेहता को मामले की जांच सौंपी गई।
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इसी साल 29 सितंबर को उपनिरीक्षक मेहता ने भीमताल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि मामले की जांच के दौरान उन्हें पता चला कि उत्तर प्रदेश के छुटमलपुर, जिला सहारनपुर स्थित कृष्णा आईटीआई कमालपुर को जिला समाज कल्याण अधिकारी नैनीताल के कार्यालय से सात छात्रों की छात्रवृत्ति के रूप में 2 लाख 89 हजार 100 रुपये के चेक छुटमलपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक को भेजे गए।
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न्यायालय को बताया गया कि जांच अधिकारी ने लाभार्थी छात्रों चंदन कुमार, बलवंत कुमार, शेर सिंह, सुनीता देवी, राजकुमार, गुरजीत सिंह का भौतिक सत्यापन किया तो पता चला कि इन में से किसी भी छात्र ने कृष्णा आईटीआई में न तो दाखिला लिया और न शिक्षा ही ग्रहण की। इन युवकों ने जांच अधिकारी को बताया कि कृष्णा प्राइवेट आईटीआई की ओर से वर्ष 2014 में डिग्री और छात्रवृत्ति दिलाने के झूठे आश्वासन देकर उनसे शैक्षिक अभिलेख लिए गए थे।
बाद में छात्रवृत्ति की रकम बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मिलीभगत से अपने खातों में जमा करा दी। इसके बाद जांच अधिकारी ने प्राइवेट आईटीआई के चेयरमैन अनिल कुमार सैनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सैनी को गिरफ्तार कर लिया।
सोमवार को बचाव पक्ष की ओर से आरोपी सैनी का जमानत प्रार्थना पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जबकि अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शर्मा ने जमानत देने का विरोध किया।