फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   Scholarship Scam: Three directors of Banbasa Devbhoomi Vidyapith got stay on arrest

छात्रवृत्ति घोटाला: बनबसा देवभूमि विद्यापीठ के तीनों संचालकों को मिला गिरफ्तारी पर स्टे

Sat, 22 Feb 2020 09:54 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंपावत/बनबसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंपावत/बनबसा Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 22 Feb 2020 09:54 PM IST
सार

  • 39.52 लाख रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में सभी आरोपी पुलिस गिरफ्त से दूर 
  • मामले में नामजद हैं समाज कल्याण के एक अधिकारी सहित सात लोग 

विज्ञापन
Scholarship Scam: Three directors of Banbasa Devbhoomi Vidyapith got stay on arrest
\ - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

उत्तराखंड में बनबसा के देवभूमि विद्यापीठ में हुए 39.52 लाख रुपये की छात्रवृत्ति घोटाले में पुलिस अब तक एक भी आरोपी को नहीं पकड़ पाई है। इस बीच, विद्यापीठ के तीन संचालकों ने हरिद्वार की अदालत से गिरफ्तारी पर स्टे ले लिया है। पुलिस उनके स्टे को खारिज कराने और उन्हें रिमांड पर लेने का प्रयास कर रही है। 

विज्ञापन


एसपी लोकेश्वर सिंह का कहना है कि एनबीडब्लू (गैर जमानती वारंट) के लिए पुलिस अदालत जाएगी। छात्रवृत्ति घोटाले में सहायक समाज कल्याण अधिकारी सहित कुल सात लोगों के खिलाफ बनबसा थाने में 15 दिसंबर 2019 को मुकदमा दर्ज किया गया था। विद्यापीठ के संचालकों को दबोचने के लिए हरिद्वार-रुड़की गई विशेष जांच दल (एसआईटी) की टीम भी खाली हाथ लौट आई थी। 
विज्ञापन


देवभूमि विद्यापीठ नाम की गैर मान्यता प्राप्त संस्था पर 2015-16 में 221 एससी और 140 एसटी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति के नाम पर 39.52 लाख रुपये के फर्जीवाड़े का आरोप है। पुलिस जांच में इस बात की तस्दीक हुई थी कि समाज कल्याण विभाग से मिली यह रकम विद्यापीठ के छात्र-छात्राओं तक नहीं पहुंची।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद बनबसा थाने में देवभूमि विद्यापीठ के चार संचालक चैरब जैन, अनिल गोयल, विवेक शर्मा, गौरव जैन (हरिद्वार जिला निवासी), बिचौलिये मुकेश कुमार और प्रदीप (दोनों यूएस नगर जिला निवासी) और तत्कालीन सहायक समाज कल्याण अधिकारी गोपाल सिंह राणा के खिलाफ आईपीसी की धारा 409, 420, 466, 467, 468, 471 व 120 बी के तहत 15 दिसंबर को मुकदमा दर्ज किया गया। टनकपुर के कोतवाल धीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में एसआईटी ने संचालकों को पकड़ने के लिए जनवरी में हरिद्वार और रुड़की में दबिश भी दी। मगर कोई भी आरोपी हत्थे नहीं चढ़ सका। 

पुलिस का कहना है कि एक आरोपी विवेक शर्मा किसी मामले में पहले से ही जेल में है, जबकि तीन आरोपी चैरब जैन, अनिल गोयल व गौरव जैन ने गिरफ्तारी के खिलाफ स्टे लिया है। अलबत्ता अब पुलिस आरोपियों के खिलाफ एनबीडब्लू लेने का प्रयास कर रही है। 


छात्रवृत्ति देने वाले कॉलेजों के सत्यापन में जुटी पुलिस 
बनबसा के देवभूमि विद्यापीठ में हुए फर्जीवाड़े के उजागर होने के बाद पुलिस अब छात्रवृत्ति देने वाले तमाम अन्य शिक्षण संस्थानों के सत्यापन में जुट गई है। एसपी लोकेश्वर सिंह का कहना है कि धांधली का पता लगाने के लिए छात्रवृत्ति देने वाले जिले के 74 स्कूलों की पड़ताल की जा रही है। अब तक 70 स्कूलों के अभिलेखों की जांच हो चुकी है। इनमें से किसी भी स्कूल में गड़बड़ी नहीं पाई गई। एसपी लोकेश्वर सिंह का कहना है कि अगले सप्ताह  तक शेष चार स्कूलों के छात्रवृत्ति के दस्तावेजों की भी जांच पूरी हो जाएगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed