छात्रवृत्ति घोटाला: पांच कॉलेज समेत 10 बिचौलियों पर मुकदमा दर्ज, फर्जी कागजात से किया फर्जीवाड़ा
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उत्तराखंड में दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले में एसआईटी प्रभारी ने कुंडा थाना में दो कॉलेज समेत पांच बिचौलियों जबकि जसपुर में तीन कॉलेज समेत पांच दलालों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। एसआईटी प्रभारी जीबी जोशी ने कुंडा थाना में तहरीर देकर कहा कि गैर राज्यों में स्थित शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ रहे समाज कल्याण विभाग से छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले छात्रों के मामले की जांच की गई। इसमें कई छात्र-छात्राओं से पूछताछ की गई। छात्रों ने बताया कि बिचौलियों ने उनके फर्जी कागजात बनाकर फर्जीवाड़ा किया है।
एसआईटी प्रभारी जोशी ने अभिलाषी पीजी कॉलेज नेर चौक जिला मंडी, हिमाचल प्रदेश समेत बिचौलियों शिवराजपुर निवासी अनिल कुमार, अशोक कुमार, आशीराम पर फर्जी तरीके से छात्रवृत्ति के तीन लाख 72 हजार 900 रुपये हड़पने का मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं, एसआईटी निरीक्षक भीम भास्कर आर्य ने कुंडा थाना में तहरीर देकर डॉ. बीएनसीपीई ऑफ फिजीकल एजुकेशन महाराष्ट्र समेत दो बिचौलियों जग्गा और दिग्विजय सिंह निवासी मडुवाखेड़ा जसपुर पर फर्जी तरीके से छात्रवृत्ति के तीन लाख 32 हजार 850 रुपये हड़पने का मुकदमा दर्ज कराया है।
इधर, जसपुर में एसआईटी प्रभारी बीबी आर्य ने दर्ज कराए मुकदमों में कहा कि छात्र-छात्राओं से पूछताछ में उन्होंने बताया कि दिग्विजय सिंह निवासी मडुवाखेड़ा हाल निवासी पंजाबी कॉलोनी जसपुर, सत्येंद्र कुमार निवासी नत्थासिंह, सिंटू, महीलाल निवासी महुवाडाबरा, सुरेश कुमार ने स्व. ईश्वर भाऊ देशमुख कॉलेज यवतमाल महाराष्ट्र, लाला राधेश्याम लॉ कॉलेज बिजनौर, आदर्श कॉलेज आफ एजुकेशन बीकानेर राजस्थान के साथ संधि कर एक सुनियोजित तरीके से छात्रों के कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। प्रवेश के जरिये छात्रवृत्ति आवंटित कराकर सरकार के लाखों रुपये हड़प लिए। कोतवाल उमेद सिंह दानू ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं।
खटीमा के दो बिचौलियों पर एसआईटी ने कराया केस
एसआईटी ने छात्रवृत्ति घोटाले में एक और रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई है। इसमें दो आरोपियों को नामजद किया गया है। 19 छात्रों के सत्यापन में 11 के नाम से धन हड़पने का आरोप लगाया है।
रिपोर्ट में कहा कि समाज कल्याण विभाग से प्राप्त छात्रवृत्ति में लोटस इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट बरेली, लखनऊ रोड, बरेली में वर्ष 2013-14, वर्ष 2014-15 में दर्शाए 23 छात्रों में से 19 छात्रों का भौतिक सत्यापन किया गया। जांच में आठ छात्र सही पाए और शेष 11 में खमरिया निवासी राजेश सिंह ने जांच में बताया कि उसने पीजीडीएम कोर्स हेतु उक्त शिक्षण संस्थान में कोई प्रवेश नहीं लिया, ना ही परीक्षा दी और ना ही कोई छात्रवृत्ति प्राप्त की।
मेरे शिक्षा संबंधित दस्तावेज चिंती मजरा निवासी दलीप सिंह ने अंकित अग्रवाल को दिए थे। अन्य मामलों में दोहरी निवासी सुमन, नकुलिया सितारगंज की सिम्मी, मिहौरा के अनिल सिंह, कुमराह के सतीश सिंह, सरवन कुमार, भूड़ा किशनी के राम रिवेंद्र सिंह, अमाऊं निवासी गणेश सिंह राणा,भूमिया मंदिर वार्ड छह निवासी रिंकी सागर, पचपेड़ा के हरपाल सिंह ने भी जांच में बताया कि उन्होंने कोई छात्रवृत्ति नहीं ली है।
जांच में प्रथम दृष्टया चिंतीमजरा निवासी अंकित अग्रवाल और दलीप सिंह को आरोपी बनाया गया है। दोनों पर छात्रों को धोखे में रखकर फर्जी प्रवेश और संस्थान के साथ मिलकर छात्रवृत्ति के 10 लाख 65 हजार 900 रुपये हड़पने का आरोप है। एसआईटी के इंस्पेक्टर एनएन पंत की ओर से दोनों आरोपी अंकित और दलीप सिंह पर धारा 420, 408, 466, 467, 468, 471,120 बी के तहत मुकदमा करवाया गया है।