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छात्रवृत्ति घोटाले में सहसपुर में एक और मुकदमा दर्ज
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सेलाकुई। सहसपुर थाना पुलिस ने छात्रवृत्ति घोटाले में राजावाला रोड तिराहा स्थित देहरादून इंस्टीट्यूट ऑफ मैनजमेंट एंड टेक्नोलॉजी संस्थान के मालिक और संचालक के खिलाफ सरकारी धनराशि के गबन का मुकदमा दर्ज किया है। इससे पहले पुलिस एसआईटी जांच के बाद कई संस्थानों के मालिक और संचालकों पर मुकदमे दर्ज कर चुकी है।
एसआईटी के सब इंस्पेक्टर आदित्य सैनी के अनुसार वर्ष 2011 से लेकर 2017 तक कॉलेज प्रबंधन ने एसटी/एससी वर्ग के फर्जी प्रवेश दिखाकर सरकारी धनराशि का गबन किया है। इन सात सालों में कॉलेज प्रबंधन को करीब 3.39 करोड़ रुपये की धनराशि समाज कल्याण विभाग की ओर से छात्रवृत्ति के रूप में मुहैया कराई गई थी, लेकिन जांच के बाद यह तथ्य प्रकाश में आया कि जिन छात्रों की एवेज में यह धनराशि कॉलेज को प्रदान की गई उन छात्रों ने कभी कॉलेज में प्रवेश लिया ही नहीं। कॉलेज प्रबंधन ने बीसीए, बीएससी कंप्यूटर साइंस, बीबीए, बीएससी आईटी कोर्स में एससी/एसटी वर्ग के कई छात्रों के फर्जी प्रवेश दिखाकर ये सरकारी धनराशि हड़प कर ली गई। शासनादेश के अनुसार छात्रवृत्ति की धनराशि वर्ष 2014 तक छात्रों के बैंक खातों में दिए जाने का प्राविधान था, लेकिन छात्रवृत्ति सीधे संस्थन के बैंक खाते में स्थांतरित हुई। इससे पहले तीन दिसंबर को भी एसआईटी की जांच के बाद देहरादून जिले में तीन संस्थानों के मालिक और संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
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एसआईटी के सब इंस्पेक्टर आदित्य सैनी के अनुसार वर्ष 2011 से लेकर 2017 तक कॉलेज प्रबंधन ने एसटी/एससी वर्ग के फर्जी प्रवेश दिखाकर सरकारी धनराशि का गबन किया है। इन सात सालों में कॉलेज प्रबंधन को करीब 3.39 करोड़ रुपये की धनराशि समाज कल्याण विभाग की ओर से छात्रवृत्ति के रूप में मुहैया कराई गई थी, लेकिन जांच के बाद यह तथ्य प्रकाश में आया कि जिन छात्रों की एवेज में यह धनराशि कॉलेज को प्रदान की गई उन छात्रों ने कभी कॉलेज में प्रवेश लिया ही नहीं। कॉलेज प्रबंधन ने बीसीए, बीएससी कंप्यूटर साइंस, बीबीए, बीएससी आईटी कोर्स में एससी/एसटी वर्ग के कई छात्रों के फर्जी प्रवेश दिखाकर ये सरकारी धनराशि हड़प कर ली गई। शासनादेश के अनुसार छात्रवृत्ति की धनराशि वर्ष 2014 तक छात्रों के बैंक खातों में दिए जाने का प्राविधान था, लेकिन छात्रवृत्ति सीधे संस्थन के बैंक खाते में स्थांतरित हुई। इससे पहले तीन दिसंबर को भी एसआईटी की जांच के बाद देहरादून जिले में तीन संस्थानों के मालिक और संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
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