फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   scam in Uttarakhand Agriculture Department.

उत्तराखंडः हद है हुजूर, शिक्षकों को दिखाया मजदूर

Mon, 17 Aug 2015 06:15 PM IST
बिशन सिंह बोरा/ अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा/ अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 17 Aug 2015 06:15 PM IST
विज्ञापन
scam in Uttarakhand Agriculture Department.

उत्तराखंड कृषि विभाग में एक और फर्जीवाड़ा सामने आया है। मामला करीब दो साल पहले का है। हद यह रही कि चकराता ब्लॉक में विभाग की ओर से राष्ट्रीय जलागम योजना के तहत कराए गए कार्यों में शिक्षकों को मजदूर दिखा दिया गया।

विज्ञापन


इसके अलावा मस्टरोल (किए गए काम में दैनिक श्रमिकों के कार्य, समय और उनकी संख्या को दर्शाना) में भी गड़बड़ी सामने आई है। मस्टरोल में जिन मजदूरों के नाम शामिल हैं, उनमें से अधिकतर गांव में रहते ही नहीं। चकराता निवासी आरटीआई कार्यकर्ता सुभाष जोशी की शिकायत पर वर्ष 2013 में एसडीएम चकराता की जांच में अधिकतर शिकायतें सही पाई गईं।
विज्ञापन


इसके बावजूद प्रकरण में दोषियों के खिलाफ अब तक  कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब यह खुलासा दून निवासी की ओर से आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना से हुआ है। दून निवासी ने एसडीएम की जांच रिपोर्ट आरटीआई में मांगी थी। अब उन्होंने इस मामले में कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

शिकायत पर दो साल पहले जांच के बाद से मामला फाइलों में

scam in Uttarakhand Agriculture Department.

आरटीआई कार्यकर्ता और ग्राम सीडी पोस्ट बरौथा चकराता निवासी सुभाष जोशी ने वर्ष 2013 में प्रकरण में शिकायत की थी। शिकायत पर तत्कालीन उपजिलाधिकारी चकराता ने जांच कर पाया कि अधिकतर शिकायतें सही हैं।

जांच में एसडीएम चकराता ने कहा कि मस्टरोल में कार्य कराने के लिए जिन मजदूरों के नाम इसमें दर्ज हैं। इनमें कुछ शिक्षक और शिक्षा मित्र हैं। वहीं, इसमें अधिकतर ऐसे लोग भी हैं जो गांव में रहते ही नहीं।

जांच में भूमि कटाव रोकने के लिए तारजाल एवं सेब के रेड चीफ किस्म के पौधों के वितरण में भी अनियमितता सामने आई थी। इसके बावजूद पिछले दो साल से मामला जिला प्रशासन और कृषि विभाग की फाइलों से बाहर नहीं आया।

यह प्रकरण मेरे समय का नहीं है। मामले में संबंधित सहायक कृषि अधिकारी को न्याय पंचायत से हटा दिया गया गया था। इसके अलावा कोई और कार्रवाई नहीं हुई।
- ज्योति एस कुमार, मुख्य कृषि अधिकारी देहरादून

कृषि विभाग में हुए फर्जीवाड़े
- करीब पांच करोड़ का ढैंचा बीज घोटाला। इसमें बीज आए बगैर दिखाया था वितरण।
- अरहर बीज घोटाला, खराब बीज का किया वितरण।
- भीमल के पौधे लगाए बगैर इन्हें लगा दर्शाए जाने का मामला।
- मुख्य कृषि अधिकारी की अनुमति के बगैर लाखों रुपये निकालने का मामला।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed