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Uttarakhand News: राजाजी टाइगर रिजर्व के वन गुर्जरों के भूमि आवंटन के नाम पर खेल, 350 प्रकरण आए सामने
Fri, 15 May 2026 12:55 PM IST
Renu Saklani
बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: Renu Saklani
Updated Fri, 15 May 2026 12:55 PM IST
सार
राजाजी टाइगर रिजर्व के वन गुर्जरों के भूमि आवंटन के नाम पर फर्जीवड़ा किया गया है।
350 प्रकरण मामले में सामने आए हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
राजाजी टाइगर रिजर्व के वन गुर्जरों के भूमि आवंटन के नाम पर खेल हुआ है। हिमाचल के वन गुर्जर को राजाजी टाइगर रिजर्व की गैंडी खाता रेंज में 8200 वर्ग मीटर भूमि दिए जाने का मामला सामने आया है। राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक कोको रोसे के मुताबिक प्रकरण की शिकायत मिली है। जिसके आधार पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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राजाजी टाइगर रिजर्व और कालागढ़ टाइगर रिजर्व के वन गुर्जरों को हरिद्वार जिले के गैंडीखाता और पथरी में विस्थापित किया गया है। विस्थापन के नाम पर प्रति परिवार 8200 वर्ग मीटर जमीन दी गई है। इसमें 8000 वर्ग मीटर जमीन पशुओं के चारे के लिए एवं 200 वर्ग मीटर उनकी झुग्गी, झोपड़ी के लिए आवंटित की गई है लेकिन करोड़ों रुपये की भूमि आवंटन के नाम पर खेल हुआ है।
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अलग-अलग दो पहचान पत्र बनाए
वन विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक एक वन गुर्जर ने भूमि आवंटन के नाम पर अलग-अलग दो पहचान पत्र बनाए थे। वहीं, हिमाचल के वन गुर्जर को गैंडीखाता में जमीन दी गई है। वहीं, ऐसे भी मामले हैं जिसमें विस्थापन के नाम पर आवंटित जमीन को किसी अन्य को बेच दिया गया है।
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नियमानुसार वन विभाग की जमीन को बेचा नहीं जा सकता। वहीं, कुछ वन गुर्जर अपनी जमीन किसी अन्य को किराये पर देकर खुद गंगा के किनारे व हरिद्वार जंगल में रह रहे हैं। बताया गया है कि इससे पहले आईएफएस मीनाक्षी जोशी की जांच में भी 350 वन गुर्जरों को गलत वन भूमि आवंटित करने का प्रकरण सामने आया था। जिसमें अब तक कार्रवाई नहीं हुई।