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नए बिजली कनेक्शन में केबल के नाम पर हो रहा लाखों का गोलमाल 

Tue, 13 Aug 2019 10:44 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal हरीश कंडारी, अमर उजाला, देहरादून
हरीश कंडारी, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 13 Aug 2019 10:44 AM IST
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scam in the name of cable of new electricity connection
डेमो - फोटो : amar ujala

यूपीसीएल से नया कनेक्शन लेने के दौरान विद्युत पोल से घर तक केबल पहुंचाने के नाम पर जमकर आवेदक से जमकर अवैध वसूली की जा रही है। असल में कनेक्शन लगवाने के दौरान आवेदक से उसके पैसे से बाजार से केबल मंगाया जाता है और उसे लाइनमैन निगम में केबल अपने पास से लगाना दर्शा देते हैं। आवेदक को इस गोलमाल की जानकारी नहीं हो पाती है और हर साल इसमें लाखें का ‘खेल’ कर दिया जाता है।

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नया कनेक्शन लेने के लिए जब भी बिजली दफ्तर में आवेदन किया जाता है तो आवेदक से मीटर चार्ज के साथ ही पोल से घर तक केबल पहुंचाने के भी पूरे पैसे लिए जाते हैं लेकिन जब कनेक्शन लगाने की बारी आती है तो लाइनमैन की ओर से उपभोक्ताओं से केबल बाजार से मंगाया जाता है। इसका पहला कारण निगम के पास के बल उपलब्ध न होना बताया जाता है। कोई जानकार आवेदक निगम से ही केबल लगाने की बात कहता है तो उसे वह केबल घटिया बताकर बाजार से खुद बढ़िया क्वालिटी का केबल खरीदने को कहा जाता है। 
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कुल मिलाकर कर्मचारियों की ओर से हर प्रकार से आवेदक को बाजार से केबल खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है। पीवीसी केबल के अतिरिक्त पैसे बरसों से लिए जा रहे हैं। ऐसा नहीं है कि इसका पता निगम के अधिकारियों को न हो। शिकायतें भी आए दिन अधिकारियों के पास पहुंचती रहती हैं, लेकिन आज तक भी इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। हैरत की बात तो यह है कि निगम हर साल लाखों की पीवीसी केबल खरीदता है, लेकिन जब यह केबल उपभोक्ताओं को नहीं जाती है तो जाती कहां है, यह बड़ा सवाल है। जबकि शिकायत के बाद विद्युत नियामक आयोग भी इस संबंध में कई बार विभाग को आदेशित कर चुका है। 

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केस - एक  
आरकेडिया निवासी राजेंद्र सिंह ने घरेलू कनेक्शन के लिए आवेदन किया। निगम में निर्धारित राशि जमा करने के बाद रसीद थमा कर कह दिया गया कि एक हफ्ते के अंदर कनेक्शन लगा दिया जाएगा। एक हफ्ते से ज्यादा वक्त बीतने पर भी कनेक्शन नहीं लगा तो वह बिजली दफ्तर पहुंचे। वहां बताया गया कि केबल नहीं है। केबल आने के बाद ही कनेक्शन लगेगा। इस पर वह खुद ही बाजार से केबल लाए तो अगले ही दिन उनका कनेक्शन हो पाया।

केस - दो
मुकेश कुमार निवासी बड़ोवाला ने कनेक्शन के लिए पूरा शुल्क निगम में जमा कराया, लेकिन उन्हें भी केबल उपलब्ध न होने की बात कहीं गई। इसके बाद वह भी खुद बाजार से केबल खरीद कर लाए तब जाकर उनके घर में कनेक्शन जोड़ा गया। इसी प्रकार के एक नहीं बल्कि कई मामले हैं, जब लोगों को पैसे जमा करने के बाद भी खुद की केबल लाने पड़ रही है। 

आखिर कहां जाती है करोड़ों की केबल?
ऐसा नहीं है कि ऊर्जा की निगम के पास केबल की कमी हो। हर वर्ष निगम की ओर से करोड़ों के केबल की खरीद की जाती है, लेकिन उपभोक्ताओं को केबल देने में आनाकानी की जाती है। सवाल यह भी उठता है कि यह केबल जाती कहां है? 

तीन साल में खरीदा गया केबल
वर्ष     केबल खरीद किमी में     धनराशि 
2016     200 किमी      69,24,000
2017    1000 किमी    11,08,3560
2018    1500 किमी    10,23,5600
 
निगम के सभी सब स्टेशनों पर पर्याप्त मात्रा में केबल उपलब्ध है। आवेदक केबल न मिलने की शिकायत सीधे उनसे कर सकते हैं। वह इस मामले में कार्रवाई करेंगे। फिलहाल उनके संज्ञान में इस प्रकार के शिकायतें नहीं हैं।
- बीसीके मिश्रा, प्रबंध निदेशक यूपीसीएल 

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