महाराज पर कार्रवाई बदले की राजनीति तो नहीं?
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हरिद्वार विकास प्राधिकरण ने मुनिकीरेती में सतपाल महाराज के प्रेमनगर आश्रम की सर्व धर्म मंदिर शाखा के नवनिर्मित भवन को अवैध घोषित करते हुए सील करने के आदेश पारित किए हैं।
प्रदेश की कांग्रेस सरकार के स्थिर होते ही हुई इस कार्रवाई से ये सवाल भी उठने शुरू हो गए हैं कि कहीं महाराज पर ये बदले की कार्रवाई तो नहीं है। हालांकि सीएम हरीश रावत ने इस मुद्दे से पल्ला झाड़ते हुए इसे प्रशासनिक कार्रवाई बताया है।
प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि मंदिर के तीन मंजिले भवन का निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृति के अवैधरूप से किया गया है, जो गंगा के प्रतिबंधित दो सौ मीटर की परिधि में आता है। सील करने की कार्रवाई मंगलवार को होगी।
मुनिकीरेती स्थित सर्व धर्म मंदिर में निर्माण कार्य के लिए संबंधित संस्था को बीती 13 मई को बिना मानचित्र स्वीकृत कराए निर्माण कार्य को हटाने का नोटिस जारी किया गया था, मगर संस्था की ओर से निर्माण जारी रखा गया।
एसडीएम ने बताया, निर्माण अवैध
उप सचिव/एसडीएम ऋषिकेश एसके पांडेय की ओर से एसडीएम नरेंद्रनगर और थाना मुनिकीरेती को पत्र लिखकर निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए गए।
एसडीएम नरेंद्रनगर मनीष कुमार द्वारा दी गई रिपोर्ट में बताया गया कि निर्माण कार्य तीसरी मंजिल तक किया जा चुका है, जो गंगा के दो सौ मीटर की परिधि में आता है, लिहाजा सीलिंग की कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्राधिकरण के सहायक अभियंता एचसीएस राणा ने भी निर्मित भवन को सील करने की संस्तुति की।
प्रकरण में लंबित वाद की सुनवाई में भवन का निर्माण बिना मानचित्र की स्वीकृति और गंगा के प्रतिबंधित दायरे में पाया गया है। बृहस्पतिवार को हुई सुनवाई में वीसी ने भवन निर्माण को अवैध करार देते हुए 12 अगस्त को सीलिंग की कार्रवाई के आदेश पारित किए हैं।
-हरबंस सिंह चुघ, एचडीए उपाध्यक्ष
मैं ऐसी राजनीति नहीं करता: सीएम
कांग्रेस छोड़ गए सतपाल महाराज पर मुख्यमंत्री हरीश रावत अब कोई कटाक्ष या बयान नहीं देना चाहते हैं। उल्लेखनीय है कि ऋषिकेश स्थित महाराज के आश्रम को नदी के तय परिधि केअंदर आने पर सील कर दिया गया है।
इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे इस मुद्दे में मत डालो। कोर्ट का मामला है और मुझ जैसे लोग ऐसी राजनीति नहीं पसंद करते हैं। इससे मुद्दे से जुड़े 60-70 प्रभावित लोग हमारे पास आए थे।