सोशल मीडिया पर सतपाल महाराज की फजीहत
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वरिष्ठ कांग्रेसी सतपाल महाराज के भारतीय जनता पार्टी में आने के बाद उत्तराखंड पहुंचने पर बेशक जोशीला स्वागत मिला, फूल-मालाएं पहनाई गईं लेकिन सोशल साइट्स पर ज्यादातर को यह स्वागत नहीं भाया।
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भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के आईटी सेल की तरफ से तैयार नान- आफिशियल पेज बीजेपी उत्तराखंड पर नेट यूजर्स की ‘शूल’ जैसी चुभने वाली प्रतिक्रियाएं दर्ज हैं।
कुछ इस तरह लोग उड़ा रहे हैं मजाक
गुरुवार को इस पेज पर महाराज के फूल-मालाओं से भरे फोटो को चस्पा किया गया है। इसके नीचे हरीश की प्रतिक्रिया है- अपनों को भगाओ, गैरों को अपनाओ...कुछ नहीं हो सकता है इस देश का।
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संजय थपलियाल कहते हैं- ये तो काफी पुरानी परंपरा है मेरे दोस्त...। एक अनूप काला फरमाते हैं- महाराज की राह दुष्कर...।
वहीं विजय सकलानी चुभने वाले शब्दों में कहते हैं-...जब तक मलाई थी, खूब खाई...अब....।
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मुक्कू पांडेय फरमाते हैं- अब वह बीजेपी को ब्लैक मेल करेंगे। विश्वकांत नौटियाल भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों पार्टियों से बेजार नजर आते हैं। फरमाते हैं। दोनों पार्टी क्रेडिबिलिटी खो चुकीं उत्तराखंड में। अब वोटर क्या करें?
सतपाल महाराज हैं मेरे राजनीतिक गुरु
बदरी केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं श्रीनगर विधान सभा के विधायक गणेश गोदियाल ने कहा कि गढ़वाल संसदीय सीट पर कांग्रेस के लिए चुनौती बड़ी नहीं है।
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कहा कि सतपाल महाराज के भाजपा में शामिल होने का व्यक्तिगत तौर पर मुझे बेहद दुख है, वे मेरे राजनीतिक गुरू हैं। लेकिन इसके बावजूद मेरी प्रतिबद्धता पार्टी के प्रति है।
पत्रकारों के साथ बातचीत में उन्होंनगढ़वाल संसदीय सीट पर दावेदारी से उन्होंने साफ इंनकार करते हुए कहा कि उनसे श्रेष्ठ और वरिष्ठ कांग्रेसी पार्टी में हैं।
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ऐसे में संसदीय सीट के लिए दावेदारी नहीं हो सकती। फिर भी यदि पार्टी कहेगी, तो चुनाव लडूंगा। उन्होंने कहा कि बदरी-केदार यात्रा मार्ग को 15 अप्रैल तक पूरी तरह दुरुस्त कर लिए लिया जाएगा। यात्रा के दौरान एनडीआरएफ और पुलिस के जवान मदद के लिए तैनात रहेंगे।