सीएम के 'कुप्रबंधन' से महाराज को आया 'क्रोध'
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उत्तराखंड में मंत्रियों के बीच खींचतान पीडब्ल्यूडी, ऊर्जा, आबकारी को लेकर थी लेकिन कारण उद्यान विभाग बना। कांग्रेस की बगिया उजाड़ने के लिए अचानक आए अंधड़ का अगर कोई त्वरित कारण है तो मंत्री अमृता रावत से उद्यान विभाग वापस लेना।
पुनर्निर्माण का दांव
हालांकि सिर्फ इसी कारण से महाराज ने पार्टी छोड़ दी ऐसा नहीं कहा जा सकता। महाराज ने जाते-जाते हरीश रावत पर वहीं आपदा के पुर्नवास और पुनर्निर्माण का दांव चला है जो हरीश रावत ने विजय बहुगुणा के लिए इस्तेमाल किया था।
पार्टी छोड़ने का संकेत नहीं था
यह सच है कि महाराज लंबे समय से अपनी उपेक्षा के चलते बार-बार पार्टी छोड़ने की धमकी दे इस्तीफा जेब में लेकर घूम रहे थे लेकिन ऐसा कोई संकेत नहीं था कि महाराज इस तरह पार्टी छोड़ेंगे। प्रदेश अध्यक्ष के लिए महाराज ने लंबी लड़ाई लड़ी लेकिन हरीश रावत के मुख्यमंत्री बन जाने केबाद ठाकुर-ब्राह्मण समीकरण के चलते ही वह दौड़ से बाहर हो गए।
सरकार की छवि खराब
हरीश रावत को नेता चुने जाने के समय भी महाराज ने पर्यवेक्षकों के सामने इस्तीफे की पेशकश की थी। तब भी उनका दर्द इसी बात को लेकर था कि मेरे में विधायकों की संख्या बल है बावजूद मुझे दरकिनार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री हरीश रावत भले सरकार पर कोई खतरा न मानें लेकिन राजनीतिक अदूरदर्शिता और राजनीतिक कुप्रबंधन के सवालों ने पार्टी और सरकार की छवि खराब की है।
गुटबाजी फिर दिखाई देने लगी
जैसे हालात विजय बहुगुणा की सरकार के समय थे वैसे ही गुटबाजी फिर दिखाई देने लगी है। पचास दिन पुरानी मुख्यमंत्री हरीश रावत की सरकार ने कुछ ऐसे फैसले लिए जिसने पार्टी वरिष्ठ नेताओं को नाराज किया। अपने ही कुछ फैसले बाद में मुख्यमंत्री ने चूक और अजनाने में लिए गए फैसले बताए।
अमृता रावत नाराज हुईं
मुख्यमंत्री के एक महीने तक विभाग न बांटने से मंत्रियों के बीच उनकी जमकर किरकिर हुई और जब विभाग बंटे तो उससे भी ज्यादा फजीहत हुई। उद्यान विभाग हटाए जाने से अमृता रावत नाराज हुईं। हरक सिंह रावत के विभाग को तिलकराज बेहड़ को देना उनकी नाराजगी का कारण बना।
इंदिरा ह्दयेश शुरुआती दिनों में सरकार में साये की तरह दिखीं लेकिन विभागों के बंटवारे के बाद उनका भी मोहभंग हो गया। उत्तराखंड कांग्रेस और सरकार में मची उथल पुथल के लिए केंद्रीय नेतृत्व भी कम जिम्मेदार नहीं है। उत्तराखंड में जब पानी सिर से ऊपर चला गया तब हाथ पैर मारने शुरू किए गए।