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'ड्रीम' बनकर रह गई महाराज के सपनों की रेल
लखपत रावत/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Wed, 02 Apr 2014 07:52 PM IST
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पहाड़ को रेल से जोड़ने का पौड़ी के निर्वतमान सांसद सतपाल महाराज का ड्रीम प्रोजेक्ट अभी भी जनता के लिए ड्रीम ही बना हुआ है।
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महाराज ने ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक रेलवे ट्रैक बनाने और इसे ट्रांसपोर्ट का जरिया बनाने का सपना दिखाया था। जो अभी तक हकीकत में नहीं बदल पाया है।
हालांकि इस सपने को आकार देने के लिए शिलान्यास और सर्वेक्षण कार्य तो करवाए गए, लेकिन इनसे आगे मामला नहीं बढ़ा।
महाराज ने दिखाया था रेल का सपना
वर्ष 1996 में सतपाल महाराज गढ़वाल संसदीय सीट से पहली बार सांसद चुने गए थे। तब महाराज को रेल राज्यमंत्री का दायित्व मिला था। उस समय महाराज ने पर्वतीय क्षेत्र के लोगों को ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक रेल पहुंचाने का सपना दिखाया था।
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इसके लिए बकायदा ऋषिकेश में शिलान्यास भी किया गया। लेकिन दो साल बाद सरकार गिरने के कारण यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
इसी मुद्दे को फिर से भुनाया महाराज ने
2009 के लोकसभा चुनाव में महाराज ने फिर ऋषिकेश से कर्णप्रयाग रेलवे मार्ग बनाने का मुद्दा भुनाकर जीत हासिल की। नौ नवंबर 2011 में गौचर खेल मैदान में रेलवे लाइन शिलान्यास का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया और इसके बाद प्रस्तावित ट्रैक पर विभिन्न कंपनियों की तरफ से सर्वेक्षण कार्य भी किया गया।
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लेकिन इस बार भी मामला इससे आगे नहीं बढ़ पाया। पांच वर्ष सांसद रहने के बावजूद महाराज कर्णप्रयाग तक रेल पहुंचाने के सपने को पूरा नहीं कर पाए।