अब फिर से दिखने लगी सतोपंथ झील, आपको भी करना है दीदार तो चले आइए यहां...
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तापमान बढ़ने से बर्फ से ढकी सतोपंथ झील अब दिखने लगी है। बदरीनाथ धाम के दर्शनों के बाद अधिकांश तीर्थयात्री सतोपंथ की यात्रा पर भी जा रहे हैं। इस वर्ष भारी बर्फबारी के कारण सतोपंथ का पैदल रास्ता भी बर्फ से ढका हुआ था।
हालांकि अभी भी रास्ते में अलकापुरी, चक्रतीर्थ और सहस्रधारा में हिमखंड पसरे हुए हैं। समुद्र तल से 4600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित सतोपंथ झील देश के अंतिम गांव माणा से 19 किमी की दूरी पर स्थित है।
संतोपथ ताल अपनी खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध है। सतोपंथ झील की पैदल यात्रा जहां तीर्थयात्रियों के लिए आस्था से भरी है, वहीं साहसिक पर्यटकों के लिए रोमांचक है। सतोपंथ क्षेत्र में तापमान बढ़ने के साथ ही ग्लेशियरों के पिघलने से सतोपंथ झील भी दिखने लगी है।
जून माह में सतोपंथ सरोवर ग्लेशियर से ढका था, लेकिन अब तापमान बढ़ने के साथ ही यहां ग्लेशियर भी पिघलने लगे हैं। सतोपंथ की ट्रेकिंग पर गए दिनेश उनियाल ने बताया कि ग्लेशियर पिघलने से सतोपंथ झील दिखने लगी है। यहां मौसम पल-पल में बदल रहा है।