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योजना का नाम बदला तो सड़क पर आया बचपन

Fri, 14 Nov 2014 01:41 PM IST
मनीष राठी/ अमर उजाला, श्यामपुर
मनीष राठी/ अमर उजाला, श्यामपुर Updated Fri, 14 Nov 2014 01:41 PM IST
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sarva shiksha abhiyan policy name change.

हरिद्वार में सर्व शिक्षा अभियान की ओर से संचालित एक योजना का नाम बदलने के साथ ही 200 बच्चे स्कूल से सड़क पर आ गए।

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गैर आवासीय विशिष्ट प्रशिक्षण केंद्र खोलने से परेशानी
बच्चे श्यामपुर क्षेत्र में चलाए जा रहे पांच वैकल्पिक शिक्षा केंद्रों में पढ़ते थे। लेकिन पिछले सत्र से पहले इन केंद्रों को बंद कर दिया गया और इनके स्थान पर मौजूदा सत्र में मात्र दो गैर आवासीय विशिष्ट प्रशिक्षण केंद्र खोले गए हैं। लेकिन इनमें मात्र 65 बच्चे ही आ पा रहे हैं।  

शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के साथ ही सर्व शिक्षा अभियान की ओर से वन गुर्जर परिवारों के बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा देने के लिए सिद्ध श्रोत, अंजनी चौड़, सिंभल श्रोत, दियावाली, नोकी दासोवाली में वैकल्पिक शिक्षा केंद्र खोले गए थे।
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वन गुर्जर परिवारों में रोष
इनमें वन गुर्जर परिवारों के करीब 300 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। लेकिन मार्च 2013 से पहले इन पांचों वैकल्पिक शिक्षा केंद्रों को बंद कर दिया। सर्व शिक्षा अभियान की ओर से इनके स्थान पर मौजूदा सत्र में केवल अंजनी चौड़ और नोकी दासोवाली में गैर आवासीय विशिष्ट प्रशिक्षण केंद्र शुरू किए गए हैं।
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लेकिन सिद्ध श्रोत में रहने वाले करीब 50 परिवारों, सिंभल श्रोत के 30 और दियावाली के 140 परिवारों के करीब 200 बच्चे शिक्षा से वंचित हैं। इससे वन गुर्जर परिवारों में रोष है।

इस संबंध में शमशाद गुर्जर और शमशेर अली भड़ाना आदि का कहना है कि एक तरफ सरकार सभी के लिए शिक्षा की बात करती है दूसरी तरफ शिक्षा केंद्र बंद कर हमारे बच्चों को शिक्षा से वंचित कर दिया गया है। उन्होंने प्रदेश सरकार से पूर्व की भांति वैकल्पिक शिक्षा केंद्र खोलने की मांग की है।


गैर आवासीय विशिष्ट प्रशिक्षण केंद्र सिर्फ उन जगहों पर संचालित किए गए हैं, जहां से स्थायी स्कूल की दूरी अधिक है। इसलिए सिर्फ जनपद में सिर्फ सात जगहों पर प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। वैकल्पिक शिक्षा केंद्र सभी जगहों से बंद कर दिए गए हैं। बच्चों को नजदीकी स्कूल में ले जाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
- जगमोहन सोनी, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक, हरिद्वार

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