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गंगा के लिए सौ दिन से भूखे हैं सानंद, अब जल भी छोड़ा

Fri, 20 Sep 2013 12:16 PM IST
अमर उजाला, हरिद्वार
अमर उजाला, हरिद्वार Updated Fri, 20 Sep 2013 12:16 PM IST
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Sanand hungry from hundred days

हरिद्वार में गंगा की निर्मलता की मांग को लेकर सानंद (प्रो. जीडी अग्रवाल) के तप का शासन-प्रशासन ने अभी तक भी संज्ञान नहीं लिया है।

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इससे नाराज सानंद ने 21 सितंबर से जल भी ग्रहण न करने का निर्णय लिया है। स्वामी सानंद मातृसदन आश्रम (हरिद्वार) में 13 जून से तप कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को मातृसदन में आयोजित प्रेसवार्ता में स्वामी सानंद ने बताया कि 20 सितंबर को उनके तप के सौ दिन पूरे हो रहे हैं। लेकिन, गंगा की अविरलता व निर्मलता के लिए शासन-प्रशासन ने कुछ भी नहीं किया।

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उनके तप के तीसरे दिन (16 जून) धारी देवी को अपलिफ्ट कर शिफ्ट कर दिया गया। जिसका परिणाम देश की जनता को आपदा के रूप में भुगतना पड़ा। गंगा की स्वच्छता को लेकर किसी भी पार्टी का नेता कुछ नहीं बोल रहा है। उन्होंने कहा, अब वह तपस्या को प्रखर करते हुए 21 सितंबर से जल लेना भी छोड़ देंगे।
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मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने कहा कि गंगा को खनन, अतिक्रमण, प्रदूषण व अन्य व्यावसायिक उपयोग के लिए प्रयोग किया जा रहा है। लेकिन रोकने के लिए शासन प्रशासन के पास न कोई नियम है और न प्रबंध कर रहा है।

पानी व शहद लिया
मातृसदन में सौ दिन से तप कर रहे स्वामी सानंद भी तक नीबू, नमक, जल, शहद ले रहे थे। लेकिन 21 सितंबर से उन्होंने कुछ भी नहीं लेने की बात कही है।

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