Dehradun:सर्वे बताएगा नए चकराता के लिए 40 गांवों का कितना हिस्सा लिया जाए, जानें MDDA टाउन प्लानर से ये बातें
शासनादेश आते ही एमडीडीए बोर्ड की अगली बैठक में नए चकराता से संबंधित कोई बड़ी परियोजना की सौगात दे सकता है। प्रस्ताव पास होने से मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण का सीमा विस्तार नए चकराता तक हो गया है। 10,476 की आबादी वाला यह क्षेत्र पहले नवीन चकराता विनियमित क्षेत्र था।
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एमडीडीए के टाउन प्लानर शशि मोहन श्रीवास्तव का कहना है कि नए चकराता क्षेत्र में शामिल 40 गांवों का वही हिस्सा लिया जाएगा, जो पूरी तरह समतल है। इससे पहाड़ के इन गांवों में का थोड़ा-थोड़ा हिस्सा ही इस दायरे में आएगा। अधिकतम 200 से 300 मीटर का हिस्सा प्रत्येक गांव से लिया जा सकेगा, शेष पहाड़ी इलाके को इस दायरे में शामिल नहीं किया जाएगा।
टाउनशिप के प्रस्ताव को कैबिनेट में मंजूरी मिलने से एमडीडीए भी उत्साहित है। माना जा रहा है कि इससे संबंधित शासनादेश आते ही एमडीडीए बोर्ड की अगली बैठक में नए चकराता से संबंधित कोई बड़ी परियोजना की सौगात दे सकता है। प्रस्ताव पास होने से मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण का सीमा विस्तार नए चकराता तक हो गया है। 10,476 की आबादी वाला यह क्षेत्र पहले नवीन चकराता विनियमित क्षेत्र था।
शासनादेश आने के बाद कराया जाएगा मौके पर सर्वे कार्य
शशि मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि शासनादेश आने के बाद मौके पर सर्वे कार्य कराया जाएगा। यह पता लगाया जाएगा कि संबंधित गांवों में कितनी जगह को प्रयोग किया जा सकता है। इसके बाद जमीन के अनुरूप ही योजना बनाई जाएगी।
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सर्वे के बाद नए चकराता के लिए योजना तैयार की जाएगी। यह क्षेत्र पर्यटन के लिहाज से बेहद समृद्ध है। यहां पर कोई नई परियोजना लाकर सरकार की मंशा के अनुरूप विकास कराया जाएगा। - बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष, एमडीडीए