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भारत पड़ोसियों से बेहतर संबंध का हिमायती: खुर्शीद
देहरादून/ब्यूरो
Updated Sun, 18 Aug 2013 09:27 PM IST
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विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि भारत अपने पड़ोसी देशों से बेहतर संबंध विकसित करने का हिमायती है। इसके लिए आपसी संवाद एक बेहतर विकल्प है। युद्ध से पहले और युद्ध के दौरान भी बातचीत से ही हल निकलता है। युद्ध तो अंतिम विकल्प है। उन्होंने कहा कि अपनी बेहतर विदेश नीति के चलते ही भारत आज विश्व के शीर्ष देशों की श्रेणी में है।
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दून विश्वविद्यालय में ‘पब्लिक डिप्लोमेसी इनीशिएटिव’ विषय पर आयोजित लेक्चर में आए विदेश मंत्री ने कहा कि अब हमें विकासशील देश की अवधारणा से बाहर निकल कर खुद को एक मजबूत राष्ट्र मानना होगा। क्योंकि, भारत कई क्षेत्रों में विकसित देशों की बराबरी कर रहा है।
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उन्होंने कहा कि केंद्र की बेहतर विदेश नीति के कारण हमारे संबंध अपने पड़ोसी देशों के साथ बेहतर हैं। हालांकि बदलते वक्त में भूमंडलीकरण और आर्थिक सुधारों के चलते इसमें काफी कुछ परिवर्तन भी हुआ है।
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खुर्शीद ने कहा कि आज तकनीक का इस्तेमाल बढ़ गया है, इसलिए सरकार जो भी काम करे, उसका तेजी से आदान-प्रदान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पब्लिक डिपलोमेसी के माध्यम से हम प्रयास कर रहे हैं कि जनता की सहभागिता और उत्साह देश से संबंधित विषयों पर हो। उन्होंने कहा कि यह पहल इस बात के लिए महत्वपूर्ण है कि जनता, विशेषकर युवा देश की विदेश नीति जैसे गंभीर विषय के प्रति जागरूक हों। उन्होंने कहा कि विदेश नीति को तैयार करते समय संपूर्ण देश एवं अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य को ध्यान में रखना पड़ता है।
खुर्शीद ने अपने लेक्चर (वक्तव्य) में उत्तराखंड की दैवी आपदा का भी जिक्र करते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य के पुनर्निर्माण में केंद्र से हर संभव मदद कराएंगे।
विदेश नीति संबंधी अन्य मुद्दों पर चर्चा
इस मौके पर मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा कि उत्तराखंड सीमांत प्रदेश है। विदेश नीति बनाते समय हिमालयी राज्यों की विशेष भौगोलिक स्थिति और सामरिक हितों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि सितंबर माह में प्रदेश सरकार की ओर से हिमालयी राज्यों और देशों के साथ एक कार्यशाला दिल्ली में कराई जाएगी। इसमें पर्यावरण संतुलन, विकास और विदेश नीति संबंधी अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी।
कार्यक्रम के दौरान विदेश मंत्रालय की संयुक्त सचिव रीमा गांगुली दास ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विदेश मंत्रालय की योजनाओं की जानकारी दी। इसके पहले दून विश्वद्यालय के कुलपति वीके जैन की ओर से कार्यक्त्रस्म के उद्देश्यों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।