शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम बोले, राष्ट्रपति करें रामजन्म भूमि का अधिग्रहण, संत बनाएंगे राम मंदिर
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शारदापीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम ने मांग की है कि राष्ट्रपति अयोध्या की रामजन्म भूमि का अधिग्रहण कर मंदिर निर्माण के लिए इसे संतों को सौंप दें। रामलला के मंदिर का निर्माण संत-महापुरुषों द्वारा ही किया जाएगा। उन्होंने आह्वान किया कि मंदिर बनाने के लिए देश के सभी संत एक मंच पर आएं।
जगद्गुरु राजराजेश्वराश्रम महाराज रविवार शाम गाजीवाली स्थित योगानंद फाउंडेशन ट्रस्ट के चतुर्थ वार्षिकोत्सव पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राम मंदिर के लिए संसद में विधेयक लाकर कानून बनवाए या अध्यादेश लाकर मंदिर निर्माण का रास्ता साफ करे।
मंदिर निर्माण को अब अधिक समय टाला नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि यह दुख का विषय है कि सर्वोच्च न्यायालय जल्दी सुनवाई के बजाय लगातार टाल रहा है। समय आ गया है कि मंदिर का निर्माण तत्काल कर दिया जाए।
इस मौके पर दक्षिण काली पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि संतों के सानिध्य में ही व्यक्ति के उत्तम चरित्र का निर्माण होता है। संतों के उपदेश तभी सार्थक हैं, जब व्यक्ति इन्हें अपने अंत:करण में प्रविष्ट कर सत्कर्मों की और अग्रसर हो।
योगानंद फाउंडेशन ट्रस्ट के परमाध्यक्ष स्वामी सत्यव्रतानंद महाराज ने कहा कि संतों का जीवन निर्मल जल के समान होता है और सदैव परोपकार को समर्पित रहता है। इस अवसर पर महंत विनोद महाराज, महंत प्रेमदास, महंत मोहनदास रामायणी, स्वामी जगदीशानंद गिरी, महंत ललितानंद, स्वामी ऋषि रामकिशन, स्वामी चंद्रचैतन्य, साध्वी रतना माता, स्वामी सुरेशानंद, स्वामी परमानंद, स्वामी प्रकाशानंद, स्वामी भोलापुरी, हरिनंदन शास्त्री आदि मौजूद रहे।