योग के विरोधियों को साध्वी प्राची ने दी 'कड़वी' नसीहत
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अपने विवादास्पद बयानों से सुर्खियों में रहने वाली साध्वी शक्ति परिषद की अध्यक्ष साध्वी प्राची ने योग का विरोध वाले लोगों को पाकिस्तानी विचारधारा का बताया।
कहा कि ऋषि-मुनियों की इस प्राचीन विधा के प्रचार में रोड़ा बन रहे लोग हिंदुस्तान में रहने के काबिल नहीं हैं। इस मौके पर उन्होंने अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण को करोड़ों हिंदुओं की आस्था का विषय करार दिया।
मंगलवार को साध्वी प्राचीन निहायत निजी कार्यक्रम के तहत परिवारजनों के साथ दोपहर में हरिद्वार से तीर्थनगरी ऋषिकेश पहुंची। उन्होंने यहां लक्ष्मणझूला रोड स्थित कबीर चौरा आश्रम में श्रीमहंत प्रदीप दास से मुलाकात की। चंद मिनट विश्राम के बाद वह परिजनों के साथ भ्रमण पर निकल गई।
करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र राम मंदिर
इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने मदरसों में योग नहीं करने को लेकर मुसलमानों पर निशाना साधा, कहा कि प्राचीन योग विधा के नाम पर किसी प्रकार की राजनीति नहीं की जानी चाहिए।
साध्वी ने कहा कि देश में हिंदुओं को बांटकर कुछ लोगों द्वारा माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को लेकर विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया के बाबत उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने तय कर लिया कि उन्हें सही बोलना ही नहीं है।
श्रीराम मंदिर मुद्दे पर साध्वी का कहना था कि वह इस मसले पर संत समाज से चर्चा के लिए मिलने आई हैं। साध्वी का कहना है कि यह करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है।
संत समाज का एक प्रतिनिधिमंडल इस मामले पर शीघ्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेगा। आश्रम सूत्रों के मुताबिक साध्वी प्राची हरिद्वार से परिवार के साथ आश्रम में पहुंची, लगभग 15 मिनट यहां रुकने के बाद वह लक्ष्मणझूला क्षेत्र के लिए रवाना हो गई।