फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   sachin tendulkar mussoorie house dispute.

कोर्ट चलवाएगा सचिन तेंदुलकर के 'घर' पर बुलडोजर!

Wed, 14 Jan 2015 04:33 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, नैनीताल
ब्यूरो / अमर उजाला, नैनीताल Updated Wed, 14 Jan 2015 04:33 PM IST
विज्ञापन
sachin tendulkar mussoorie house dispute.

नैनीताल हाईकोर्ट में ढहलिया बैंक हाउस मसूरी के ध्वस्तीकरण के नोटिस के मामले में दायर स्पेशल अपील पर सुनवाई बुधवार को होगी। वरिष्ठ न्यायमूर्ति वीके बिष्ट एवं न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।

विज्ञापन


मसूरी लंढौर कैंट स्थित ढहलिया बैंक हाउस संजय नारंग ने हाईकोर्ट में स्पेशल अपील दायर कर कहा था कि उनके ढहलिया बैंक हाउस में निर्माण कार्य चल रहा है। पूर्व में कैंट बोर्ड ने याची को ध्वस्तीकरण के नोटिस जारी किए थे।
विज्ञापन


ध्वस्तीकरण के नोटिस के आदेश को उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। पूर्व में एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को आदेश दिया था कि वह निचली अदालत में आपत्ति शपथपत्र के साथ पेश करें।
विज्ञापन
विज्ञापन


याचिकाकर्ता ने एकलपीठ के इस आदेश को स्पेशल अपील के माध्यम से चुनौती दी थी। इस प्रकरण पर सुनवाई के लिए कोर्ट ने बुधवार की तिथि नियत की है।

अवैध निर्माण कराने का आरोप
इस बंगले को ‘ढहलिया बैंक’ के नाम से जाना जाता है। यह बंगला संजय नारंग के नाम पर खरीदा गया है, पर सूत्रों का कहना है कि यह घर सचिन का ही है। महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर मसूरी में सपरिवार नए बंगले में रहे थे।

ढहलिया बैंक और विवाद साथ-साथ चलते रहे हैं। लंढौर छावनी परिषद ने भी ढहलिया बैंक के लिए कई बार चालान किया है। अब भी इसका मामला न्यायालय में चल रहा है।

विवादित बंगले में तमाम सुविधाएं

sachin tendulkar mussoorie house dispute.

सचिन तेंदुलकर मसूरी (लंढौर कैंट) के इस बंगले में छावनी क्षेत्र संबंधी नियमों का उल्लंघन कर व्यापक स्तर पर अवैध निर्माण कराने का आरोप है। विवादित बंगले में तमाम सुविधाएं हैं, जिनके निर्माण के लिए नियमों को ताक पर रखा गया।

भवन निर्माण मानचित्र पर अनुमति देने के लिए सेना और रक्षा संपदा विभाग में लंबे समय तक ठनी रही। मानचित्र पास होने के बाद भी टेनिस कोर्ट आदि के निर्माण को छावनी बोर्ड ने नियमों का उल्लंघन माना है।

मामले के हाई प्रोफाइल होने के कारण सेना और रक्षा संपदा के मध्य कमान मुख्यालयों से कई स्तर पर जांच हुई। जांच के बाद अवैध निर्माण गिराने की कार्रवाई छावनी परिषद ने शुरू कर दी थी, पर हाईकोर्ट में चुनौती मिलने के बाद अब मामला न्यायालय के विचाराधीन है। इसके अलावा इसी बंगले का एक मामला सुप्रीम कोर्ट में भी विचाराधीन है।

मानचित्र पास करने में हुआ विवाद

sachin tendulkar mussoorie house dispute.

बंगले के एक हिस्से की जर्जर हालत दिखाकर मरम्मत के लिए वर्ष 2012 में लंढौर छावनी परिषद के पास मानचित्र भेजा गया। इस पर तत्कालीन बोर्ड अध्यक्ष मेजर जनरल रणवीर यादव और मुख्य अधिशासी अधिकारी (सीईओ) अशोक चौधरी के अलग-अलग मत थे।

जनरल यादव ने बोर्ड में बहुमत होने पर मानचित्र पास कर दिया, जबकि सीईओ ने इस पर कड़ी आपत्ति जताकर नियमों का उल्लंघन बताते हुए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी।

क्या हैं आपत्तियां
संजय नारंग ने ढहलिया बैंक को आरएल दुग्गल से खरीदा था। संजय ने इसमें निर्माण के लिए अनापत्ति मांगी, लेकिन नहीं मिली। बाद में मरम्मत के नाम पर इस बंगले में भव्य निर्माण हुआ है।

बंगले के पास महत्वपूर्ण रक्षा संस्थान आईटीएम (प्रौद्योगिकी प्रबंध संस्थान) है। छावनी और रक्षा संपदा के नियमों के मुताबिक 50 मीटर तक कोई निर्माण नहीं किया जा सकता। मरम्मत के लिए भी रक्षा संस्थान से अनापत्ति लेना अनिवार्य है।

इसके अलावा रक्षा संपदा विभाग संपत्ति के म्यूटेशन (संपत्ति के मालिकाना हक) की अस्पष्ट स्थिति और भवन मानचित्र में नियमों का अनुपालन नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed