फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   rush in doon hospital.

भीड़ के आगे दून अस्पताल 'धड़ाम'

Wed, 08 Oct 2014 11:00 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 08 Oct 2014 11:00 AM IST
विज्ञापन
rush in doon hospital.

पांच दिन की छुट्टी के बाद मंगलवार को दून अस्पताल की ओपीडी निर्धारित समय सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक खुली रही। लेकिन इससे मरीजों को राहत नहीं मिली। रोगियों की भीड़ के आगे अस्पताल की व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गईं।

विज्ञापन


पूरे दिन अफरातफरी का आलम रहा। रजिस्ट्रेशन काउंटर, ओपीडी, दवा वितरण केंद्र में लंबी कतारें लगी रहीं। इस दौरान मरीजों की अस्पताल कर्मियों से झिकझिक हुई, पर्ची कटने, नंबर आने में देरी पर हंगामा हुआ तो आगे घुसने की कोशिश में मरीज धक्कामुक्की करते नजर आए।
विज्ञापन


इसलिए हुई दिक्कत

लंबी छुट्टी के बाद मरीजों की खासी तादाद का अंदाजा अस्पताल प्रशासन को था। इसके बावजूद रजिस्ट्रेशन, बिलिंग और दवा काउंटरों पर अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती नहीं की गई। इससे कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ता गया और मरीज परेशान होते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुबह 11:00 बजे

रजिस्ट्रेशन काउंटर पर मरीजों की लंबी कतार लगी थी। कर्मचारी पर्चे बनाकर दे रहे थे, लेकिन मरीजों की संख्या अधिक होेने से काम धीमा पड़ने लगा। बाहर कुछ लोग ऐसे भी थे जो सुबह नौ बजे से कतार में लगे थे। नंबर न आने पर इन लोगों का गुस्सा भड़क गया और वे हंगामा करने लगे। अस्पताल कर्मियों ने किसी तरह समझा बुझाकर उन्हें शांत किया।

दोपहर 12:00 बजे
दवा वितरण केंद्र में करीब तीन सौ लोग लाइन में लगे बारी का इंतजार कर रहे थे। स्टाफ दवाएं दे रहे थे, लेकिन एक-एक मरीज को दवा देने, समझाने में कुछ वक्त लग रहा था। इस बीच कुछ मरीजों, तीमारदारों ने लाइन तोड़कर आगे आने की कोशिश की तो हंगामा हो गया। मरीजों में धक्कामुक्की होने लगी। गार्डों ने किसी तरह मरीजों को रोका।

यहां रही ज्यादा भीड़
फिजीशियन, चर्म रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, नाक कना गला रोग विशेषज्ञ की ओपीडी और पैथोलॉजी लैब

दवा काउंटर पर बेहोश होकर गिरा मरीज
सहसपुर निवासी मलेरिया पीड़ित संजय मंगलवार को चेकअप कराने के बाद दवा लेने के लिए काउंटर के बाहर लाइन में खड़ा था। उमस और धूप में काफी देर तक खड़े रहने से संजय 12:30 बजे बेहोश होकर गिर पड़े। कतार में लगे कुछ मरीजों ने संजय को उठाकर छांव में लिटाया।

इस दौरान मौके से अस्पताल के कर्मचारी गुजरते रहे, लेकिन किसी ने बेहोश मरीज को दवा दिलाने और डाक्टर तक ले जाने की जरूरत नहीं समझी। करीब एक घंटे बाद संजय को होश आया। इसके बाद कतार में खड़े दूसरे मरीजों ने ही संजय से पर्चा ले लिया। मरीजों ने ही संजय को दवाएं दिलाईं।


कुछ दिन की छुट्टी के बाद अस्पताल मंगलवार को पूरे समय खुला। ऐसे में मरीजों का बड़ी संख्या में पहुंचना स्वाभाविक है। अस्पताल में व्यवस्था ठीक थी, लेकिन मरीजों की बढ़ी संख्या से काम पर कुछ असर तो होता ही है।
- डॉ. आरएस असवाल, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed