{"_id":"58e1c6cc4f1c1bf5465b4af1","slug":"rudraprayag-tourism-officer-suspended","type":"story","status":"publish","title_hn":"हेराफेरी में रुद्रप्रयाग जिला पर्यटन अधिकारी सस्पेंड ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हेराफेरी में रुद्रप्रयाग जिला पर्यटन अधिकारी सस्पेंड
ब्यूरो / अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Mon, 03 Apr 2017 09:23 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला पर्यटन अधिकारी पीके गौतम को वित्तीय मामलों में धांधली के आरोप में निदेशालय स्तर से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
विज्ञापन
उन्हें पौड़ी में जिला पर्यटन अधिकारी के पद पर रहते हुए दुकानों के आवंटन के मामले में बिलों में हेराफेरी का दोषी पाया गया है। इधर, चमोली के पर्यटन अधिकारी को रुद्रप्रयाग का भी अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
विज्ञापन
जिला पर्यटन अधिकारी को वित्तीय अनियमितता के मामले में दोषी पाते हुए निलंबित किया गया है। मामले की जांच भी उच्च स्तर पर की जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2012-13 में पौड़ी जनपद में पर्यटन विभाग की ओर से दुकानों का आवंटन किया गया था।
विज्ञापन
मामले में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब 8 से 10 लाख की सीडीआर बनाई गई थी, जो शासन को भेजी जानी थी। लेकिन तत्कालीन पर्यटन अधिकारी पीके गौतम की ओर से इसे शासन को भेजने के बजाय अपने पास रखा गया। शासन व निदेशालय से कई बार जानकारी मांगे जाने के बाद भी उनके द्वारा यह राशि जमा नहीं की गई, जिसके चलते विभाग व शासन को उस प्रोजेक्ट में आर्थिक हानि का सामना करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि गौतम की ओर से दुकानों के आवंटन में भी अपने स्तर से जमकर हेराफेरी की गई। उनके द्वारा बड़ी दुकानों की दरें कम और छोटी दुकानों की दरें भी मानकों के विपरीत बढ़ाई गई। निदेशालय व शासन स्तर पर मामले में जांच की जा रही थी, जिसमें पर्यटन अधिकारी को दोषी पाते हुए तत्काल निलंबित कर दिया गया। वे पिछले डेढ़ वर्ष से रुद्रप्रयाग में कार्यरत थे। उनके पास सूचना अधिकारी का भी अतिरिक्त चार्ज था।
इधर, जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी के निलंबित होने की पुष्टि करते हुए कहा कि चमोली जिले के पर्यटन अधिकारी को चार्ज सौंपा गया है। डीएम ने बताया कि जिले में स्थायी अधिकारी की तैनाती के लिए पर्यटन सचिव को पत्र भी लिखा गया है।