Rudraprayag: नशे में धुत होकर गाली-गलौज करने वाला प्रधानाचार्य निलंबित, छात्रों- शिक्षकों से करते थे मारपीट
आरोप है कि प्रधानाचार्य ने शिक्षक-कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं के साथ मारपीट व हिंसक व्यवहार किया था।
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रुद्रप्रयाग में जखोली ब्लॉक के राजकीय इंटर कॉलेज क्वीलाखाल में नशे में धुत प्रधानाचार्य को शिक्षक-कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं के साथ मारपीट करने व हिंसक व्यवहार के चलते डीएम ने निलंबित कर दिया है। डीएम मुख्य शिक्षाधिकारी को मामले की जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए हैं। दूसरी ओर प्रधानाचार्य के नशे में रहने और हिंसक व्यवहार के विरोध में छात्र-छात्राओं और शिक्षक-कर्मचारियों ने धरना दिया।
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पिछले कई दिनों से प्रधानाचार्य सतीश कुमार शराब पीकर विद्यालय आ रहे थे। साथ ही शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज के साथ छात्र-छात्राओं से मारपीट भी की थी। स्कूली बच्चों ने प्रधानाचार्य के इस व्यवहार के बारे में अपने परिजनों को बताया था। शुक्रवार को भी प्रधानाचार्य नशे में धुत होकर विद्यालय पहुंचे और वहां मौजूद शिक्षक, कर्मचारियों व छात्र-छात्राओं के साथ गाली-गलौज करने लगे। इस पर छात्र-छात्राएं कक्षाओं से और शिक्षक-कर्मचारी कार्यालय से बाहर मैदान में आ गए। उन्होंने प्रधानाचार्य से ऐसा नहीं करने के लिए इसके बाद भी प्रधानाचार्य का गाली-गलौज नहीं थमा तो विरोध में स्कूली बच्चे, शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी धरने पर बैठ गए।
इस दौरान कुछ कर्मियों ने शिक्षक-अभिभावक संघ के अध्यक्ष को फोन कर पूरा घटनाक्रम बताया। पीटीए अध्यक्ष महावीर प्रसाद भट्ट ने मुख्य शिक्षाधिकारी को फोन पर पूरा घटनाक्रम बताया और त्वरित कार्रवाई की मांग की। पीटीए अध्यक्ष ने सीईओ को बताया कि प्रधानाचार्य के आए दिन के इस व्यवहार से छात्र-छात्राएं डरे-सहमे हैं। इधर, मामले की जानकारी जिलाधिकारी मयूर दीक्षित को स्कूल वालों ने ही दी तो डीएम ने प्रधानाचार्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश सीईओ को दिए। डीएम ने कहा कि विद्यालय के मुखिया के शराब के नशे में अभद्र व्यवहार करना माफी लायक नहीं है।
आदेश मिलने के बाद समाप्त किया धरना
सीईओ विनोद प्रसाद सिमल्टी ने बताया कि प्रधानाचार्य के विरोध में छात्र-छात्राओं, शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने धरना दिया था। प्रधानाचार्य को निलंबित करने के लिए निदेशक माध्यमिक शिक्षा को पत्र भेजा है। निलंबन के मिलने के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। कहा कि खंड शिक्षाधिकारी को मामले की जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा है।
नशे में उत्पात मचाने वाले कई शिक्षक हो चुके हैं निलंबित
जिले में पूर्व में भी शराब के नशे में स्कूल में उत्पात मचाने के मामले में कई शिक्षक निलंबित हो चुके हैं। तीन वर्ष पूर्व राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भुनका में प्रभारी प्रधानाचार्य भी शराब के नशे में गाली-गलौज के कारण निलंबित किए गए थे। वहीं, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चोपड़ा में बीते वर्ष 25 मार्च को प्रभारी प्रधानाध्यापक नशे में हाफ पैंट में स्कूल आने और गाली-गलौज देने पर निलंबित कर दिए गए।
दो शिक्षिकाओं का सत्र लाभ समाप्त, चार का वेतन रोका
अगस्त्यमुनि में कार्यों में लापरवाही बरतने पर खंड शिक्षाधिकारी वाईएस रावत ने दो शिक्षिकाओं का सत्र लाभ ( साल के बीच में रिटायर होने वाले शिक्षकों को सत्र तक सेवा विस्तार) समाप्त करते हुए वेतन रोकने के निर्देश दिए। साथ ही दो अन्य शिक्षकों का भी एक-एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। खंड शिक्षाधिकारी वाईएस रावत शुक्रवार को राजकीय प्राथमिक विद्यालय सतेराखाल पहुंचे। उन्होंने यहां तैनात शिक्षिका कुशला मैठाणी को कार्यों के प्रति लापरवाही बरतने का दोषी पाया। वहीं, दुर्गाधार में तैनात शिक्षिका मीना बेंजवाल पर तय समय से पहले ही स्कूल की छुट्टी का आरोप सही पाया गया। इस पर बीईओ ने दोनों शिक्षिकाओं का सत्र लाभ खत्म करते हुए एक-एक दिन का रोकने के आदेश दिए। वहीं, राजकीय प्राथमिक विद्यालय कौशलपुर और किमाणा-दानकोट में तैनात एक-एक शिक्षक की ओर से भी कार्य में लापरवाही बरतने पर एक-एक दिन का वेतन रोक दिया। बीईओ रावत ने कहा कि विद्यालयों का औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेगा।