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रुद्रप्रयाग: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष की कैद, 18 हजार का जुर्माना भी
Wed, 04 Sep 2019 10:48 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 04 Sep 2019 10:48 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
विशेष सत्र न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल की अदालत ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म के दोषी को 20 साल के कठोर कारावास और 18 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियुक्त को पुलिस अभिरक्षा में पुरसाड़ी जेल भेज दिया गया है।
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सोमवार को जिला न्यायालय में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल ने सुमन भट्ट, निवासी नाकोट को आईपीसी की धारा 376, 354 डी, 366, 342, 506 और 3/4 पोक्सो अधिनियम में दोषी पाते हुए 20 साल के कारावास और 18 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि परिजनों और निर्भया प्रकोष्ठ के समक्ष अपनी गलती स्वीकार करने के बाद भी अभियुक्त द्वारा नाबालिग को लगातार परेशान किया जाता रहा, जो माफी के लायक नहीं है। विशेष सत्र न्यायाधीश ने सजा सुनाने के बाद अभियुक्त को पुलिस अभिरक्षा में पुरसाड़ी जिला जेल भेजने के आदेश दिए।
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मामले में पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सुदर्शन सिंह चौधरी ने बताया कि 17 मई 2019 को पीड़िता की माता ने अगस्त्यमुनि थाने में तहरीर दी थी, जिसमें उन्होंने सुमन भट्ट पर अपनी नाबालिग पुत्री के साथ 14 अप्रैल को दुष्कर्म का आरोप लगाया गया था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट एवं भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुुत किया गया।
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