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Rudranath Temple: कल सुबह शीतकाल के लिए बंद होंगे रुद्रनाथ मंदिर के कपाट, 500 श्रद्धालु पहुंचे
Thu, 16 Oct 2025 08:39 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, गोपेश्वर(चमोली)
संवाद न्यूज एजेंसी, गोपेश्वर(चमोली)
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 16 Oct 2025 08:39 PM IST
सार
सुबह चार बजे से भगवान रुद्रनाथ की पूजा शुरू हो जाएगी। सभी पूजाएं संपन्न कराने के बाद सुबह छह बजे मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
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रुद्रनाथ मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट 17 अक्तूबर शुक्रवार को सुबह शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। शुक्रवार को ही रुद्रनाथ की डोली गोपेश्वर पहुंच जाएगी। कपाट बंद होने को लेकर करीब 500 श्रद्धालु रुद्रनाथ पहुंचे हैं।
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रुद्रनाथ के पुजारी सुनील तिवारी ने बताया कि सुबह चार बजे से भगवान रुद्रनाथ की पूजा शुरू हो जाएगी। सभी पूजाएं संपन्न कराने के बाद सुबह छह बजे मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। साढ़े सात बजे डोली रुद्रनाथ से प्रस्थान करेगी। पंच गंगा, पितृधार होते हुए पनार गुग्याल होते मोली बुग्याल पहुंचेगी। वहां भगवान को राजभोग लगेगा (नए अनाजों का भोग)। वहां से डोली सगर गांव पहुंचेगी। यहां पर भी नए अनाज का भोग लगाया जाएगा।
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सूर्यास्त होने से पहले डोली गोपीनाथ मंदिर पहुंच जाएगी और यहां भगवान को नए अनाज का भोग लगाया जाएगा। छह माह तक भगवान रुद्रनाथ की डोली गोपीनाथ मंदिर परिसर में विराजमान रहेगी। बताया कि कपाट बंद होने पर भगवान को मंदार (बुखला) के 251 पुष्प गुच्छों से ढका जाएगा। कपाट खुलने पर इन फूलों को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है।