रूबी चौधरी प्रकरण: दहशत के साये में गार्ड का परिवार
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आईएएस अकादमी के निलंबित गार्ड देव सिंह का कहना है कि रूबी प्रकरण में उसका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। देव सिंह का कहना है कि इस मामले से उसका र्कोई लेना-देना नहीं है। उसने दोहराया कि मामले में उपनिदेशक सौरभ जैन से पूछताछ की जानी चाहिए। कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
देव सिंह की पत्नी चंपा ने कहा कि उपनिदेशक द्वारा एक करोड़ का मानहानि नोटिस भेजने के बाद से परिवार खौफ में जी रहा है। चंपा ने रोते हुए कहा कि मानसिक उत्पीड़न से हम तंग आ गए हैं। हमें जल्द ही न्याय नहीं मिला तो परिवार के पास खुदकुशी के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।
देव सिंह बना सरकारी गवाह
आईएएस अकादमी में रहने के दौरान छह माह तक रूबी चौधरी सुरक्षा गार्ड देव सिंह के कमरे में रही थी। फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद अकादमी ने देव सिंह को निलंबित कर दिया था। पुलिस ने भी उसे गिरफ्तार किया था। बाद में देव सिंह को सरकारी गवाह बना लिया गया।
रूबी ने दिया था सौरभ जैन के नाम का पत्र
सोमवार को देव सिंह पहली बार मीडिया से मुखातिब हुआ। देव सिंह का कहना है कि उसे जबरन मामले में घसीटा जा रहा है।
देव सिंह के मुताबिक अकादमी आने के बाद रूबी ने उसे हाथ से लिखा एक पत्र दिया था, जिस पर लाल रंग के पेन से हस्ताक्षर किए गए थे। रूबी ने इसे सौरभ जैन का पत्र बताकर कमरे में रखने के लिए कहा था। पत्र पढ़ने के बाद ही उसने रूबी को घर में एक कमरा दिया था। देव सिंह का कहना है कि वह पत्र अब खो गया है।
जैन से मिलवाने ले गई रूबी
देव सिंह ने बताया कि एक बार रूबी उसे जैन से मिलवाने के लिए अकादमी स्थित कार्यालय ले गई थी। लेकिन कार्यालय के पास पहुंचते ही अचानक उसने देव सिंह को बाहर ही रुकने के लिए कह दिया था। वह अकेले भीतर गई और जैन से बातचीत कर कुछ देर बाद बाहर आई।
पहले दीपक, फिर वीरेंद्र को बताया पति
देव सिंह के मुताबिक कमरे में आने के कुछ दिन बाद रूबी अपने साथ दीपक नाम के एक युवक को मसूरी लाई थी। उसने दीपक का परिचय पति के तौर पर दिया। कुछ दिन बाद दीपक लौट गया। एक-दो माह बाद रूबी फिर घर गई और वीरेंद्र मलिक के साथ लौटी। उसके मुताबिक रूबी ने बताया कि दीपक से उसका तलाक हो चुका है और उसने वीरेंद्र मलिक से शादी कर ली है। देव सिंह ने बताया कि रूबी का भाई मोहित भी एक बार अकादमी आया था।
पहले सील किया था कमरा
देव सिंह ने बताया कि अकादमी प्रशासन ने 26 मार्च को रूबी को कमरे से बाहर कर दिया था। इसके बाद उसके घर का रूबी वाला कमरा सील कर दिया गया। कुछ दिन बाद अकादमी की दो महिला कर्मचारी आईटीबीपी जवानों के साथ आईं। जवानों ने सील तोड़ी और महिला कर्मचारी रूबी का सारा सामान उठाकर ले गईं। उसी दिन एक टैक्सी बुलाकर रूबी को अकादमी से बाहर कर दिया गया।
रूबी ने दी थी धमकी
देव सिंह ने बताया कि 31 मार्च को अकादमी से बाहर होने के बाद रूबी ने उसे फोन किया। उसने धमकी दी कि उसके और वीरेंद्र मलिक के बारे में किसी को कुछ बताया तो अंजाम अच्छा नहीं होगा।