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ई रिक्शा संचालकों ने किया आरटीओ कूच, पुलिस ने सचिवालय से पहले रोका, चक्का जाम, यातायात बाधित
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परेड मैदान से जुलूस निकालकर आरटीओ कार्यालय जाते ई रिक्शा चालक संघ के सदस्य ।
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देहरादून। राजधानी के मुख्य मार्गों पर ई-रिक्शा संचालित करने की मांग को लेकर चालकों और संचालकों ने पहले परेड मैदान में बैठक की उसके बाद आरटीओ कूच किया। लेकिन, इससे पहले यह आरटीओ पहुंचते पुलिस ने उन्हें कनक चौक के पास रोक लिया। इससे गुस्साए संचालक मौके पर धरने पर बैठ गए और चक्का जाम कर दिया। इससे एस्लेहाल और परेड मैदान की ओर से सचिवालय जाने वाले लोगों को सर्वे चौक से होकर जाना पड़ा। इससे परेशान कई लोगों की पुलिसकर्मियों से नोकझोंक हुई। शहर में ई-रिक्शा न चलने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
यातायात बाधित होने की सूचना पर सीओ और आरटीओ डीसी पठोई समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। धरने की अगुवाई कर रहे कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने आरटीओ को इनकी समस्याओं से अवगत कराया। कहा कि संचालकों ने बैंकों से ऋण लेकर ई-रिक्शा लिए हैं। लेकिन, मुख्य मार्गों पर रोक लगाए जाने से इनका कारोबार चौपट हो गया है। इस पर आरटीओ डीसी पठोई ने कहा कि इनके संचालन पर रोक एसएसपी की रिपोर्ट पर शासन ने लगाई है। शासन ही इस संबंध में कुछ कर सकता है। घंटेभर चक्का जाम के बाद ई-रिक्शा एसोसिएशन की ओर से आरटीओ को प्रस्ताव दिया। आरटीओ इस पर सकारात्मक टिप्पणी कर शासन को भेजेंगे। आरटीओ के इस आश्वासन पर संचालकों ने धरना समाप्त किया। उसके बाद यातायात बहाल हो पाया। धरने में मारुफ राव, चंदर नेगी, दीपक रावत, सुरेेंद्र तिवारी, रवींद्र त्यागी, भूपेंद्र और भुवनेश चंद आदि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री को सौंपेंगे चाबियां
चक्का जाम के दौरान ई-रिक्शा संचालकों ने चेतावनी दी यदि प्रदेश सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो वह ई-रिक्शा परेड मैदान में खड़ा कर देंगे। उसके बाद चाबियां एक बोरे में भरकर मुख्यमंत्री को सौंप देेंगे।
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क्या कहता है एमवी एक्ट
नए मोटर व्हीकल एक्ट में स्पष्ट प्रावधान है कि ई-रिक्शा का कोई परमिट नहीं होगा। इनकी संख्या पर कोई नियंत्रण नहीं किया जाएगा। लेकिन, राज्य सरकार को अधिकार होगा कि वह इनका संचालन कहां-कहां और किन मार्गों पर करेगा। सरकार इसी अधिकार का इस्तेमाल करते हुए मुख्य मार्गों पर इनके संचालन पर रोक लगा रही है। इस संबंध में शासन का कहना है इनके संचालन से यातायात बाधित हो रहा है।
यदि ई-रिक्शा संचालक प्रस्ताव देते हैं तो उसे शासन को भेजा जाएगा। मुख्य मार्गों पर इनके संचालन की अनुमति देने का अधिकार सिर्फ शासन को है। इस संबंध में शासनस्तर पर कुछ किया जा सकता है। शासन जो निर्णय लेगा उसका पालन कराया जाएगा। -डीसी पठोई, आरटीओ
मौके पर बुलाई कई थानों की पुलिस
ई-रिक्शा संचालकों के आरटीओ कूच पर पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया। इस दौरान कोई अप्रिय स्थिति पैदा न हो जाए इससे निपटने को सीओ जया बलूनी की अगुवाई में कई थानों की पुलिस मौके पर बुला ली। लेकिन, पुलिस ने उन्हें कनक चौक पर ही रोक लिया। आखिर धरना प्रदर्शन शांतिपूर्वक निपटने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
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यातायात बाधित होने की सूचना पर सीओ और आरटीओ डीसी पठोई समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। धरने की अगुवाई कर रहे कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने आरटीओ को इनकी समस्याओं से अवगत कराया। कहा कि संचालकों ने बैंकों से ऋण लेकर ई-रिक्शा लिए हैं। लेकिन, मुख्य मार्गों पर रोक लगाए जाने से इनका कारोबार चौपट हो गया है। इस पर आरटीओ डीसी पठोई ने कहा कि इनके संचालन पर रोक एसएसपी की रिपोर्ट पर शासन ने लगाई है। शासन ही इस संबंध में कुछ कर सकता है। घंटेभर चक्का जाम के बाद ई-रिक्शा एसोसिएशन की ओर से आरटीओ को प्रस्ताव दिया। आरटीओ इस पर सकारात्मक टिप्पणी कर शासन को भेजेंगे। आरटीओ के इस आश्वासन पर संचालकों ने धरना समाप्त किया। उसके बाद यातायात बहाल हो पाया। धरने में मारुफ राव, चंदर नेगी, दीपक रावत, सुरेेंद्र तिवारी, रवींद्र त्यागी, भूपेंद्र और भुवनेश चंद आदि मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री को सौंपेंगे चाबियां
चक्का जाम के दौरान ई-रिक्शा संचालकों ने चेतावनी दी यदि प्रदेश सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो वह ई-रिक्शा परेड मैदान में खड़ा कर देंगे। उसके बाद चाबियां एक बोरे में भरकर मुख्यमंत्री को सौंप देेंगे।
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क्या कहता है एमवी एक्ट
नए मोटर व्हीकल एक्ट में स्पष्ट प्रावधान है कि ई-रिक्शा का कोई परमिट नहीं होगा। इनकी संख्या पर कोई नियंत्रण नहीं किया जाएगा। लेकिन, राज्य सरकार को अधिकार होगा कि वह इनका संचालन कहां-कहां और किन मार्गों पर करेगा। सरकार इसी अधिकार का इस्तेमाल करते हुए मुख्य मार्गों पर इनके संचालन पर रोक लगा रही है। इस संबंध में शासन का कहना है इनके संचालन से यातायात बाधित हो रहा है।
यदि ई-रिक्शा संचालक प्रस्ताव देते हैं तो उसे शासन को भेजा जाएगा। मुख्य मार्गों पर इनके संचालन की अनुमति देने का अधिकार सिर्फ शासन को है। इस संबंध में शासनस्तर पर कुछ किया जा सकता है। शासन जो निर्णय लेगा उसका पालन कराया जाएगा। -डीसी पठोई, आरटीओ
मौके पर बुलाई कई थानों की पुलिस
ई-रिक्शा संचालकों के आरटीओ कूच पर पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया। इस दौरान कोई अप्रिय स्थिति पैदा न हो जाए इससे निपटने को सीओ जया बलूनी की अगुवाई में कई थानों की पुलिस मौके पर बुला ली। लेकिन, पुलिस ने उन्हें कनक चौक पर ही रोक लिया। आखिर धरना प्रदर्शन शांतिपूर्वक निपटने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली।