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देहरादून RTO में खुली नए घोटाले की पोल
मनमीत रावत/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 14 Oct 2014 10:00 AM IST
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देहरादून के संभागीय परिवहन कार्यालय में कॉमर्शियल लाइसेंस फर्जीवाड़े के बाद नया घोटाला सामने आया है। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने वाली कंपनी उत्सव लिंक के कुछ कर्मचारी सैकड़ों वाहन स्वामियों की फीस की रकम लेकर गायब हैं।
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कंपनी इन्हें पहले ही बर्खास्त कर चुकी है, लेकिन अब वाहन मालिकों की नंबर प्लेट लगाने से इनकार किया जा रहा है। एआरटीओ ने मामले में जांच का आदेश देकर दिल्ली स्थित मुख्यालय से कंपनी अधिकारियों को दून तलब किया है।
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ऐसे खुला मामला
एक माह से कई वाहन चालक नंबर प्लेट लगवाने के लिए आरटीओ पहुंच रहे हैं, लेकिन कंपनी के कर्मचारी उन्हें यह कहकर लौटा रहे हैं कि फीस जमा नहीं की गई है। खास बात यह है कि इन वाहन मालिकों के पास फीस जमा करने की रसीद भी है।
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रसीद दिखाने पर कर्मचारी भी मान रहे हैं कि ये असली हैं, लेकिन वे कंपनी मुख्यालय से बात करने की कहकर टाल देते हैं। सूत्र बताते हैं कि कुछ समय पूर्व तक फीस जमा करने वाले छह कर्मचारियों को कंपनी बर्खास्त कर चुकी है।
बताया जा रहा है कि इन कर्मचारियों ने ही लोगों को रसीद तो दी, लेकिन फीस की रकम कंपनी के खाते में जमा नहीं की। वाहन मालिकों के फीस जमा करने का ब्योरा भी कंप्यूटर पर नहीं है।
कंपनी ने झाड़ा पल्ला
जांच में अपने पुराने कर्मचारियों के गबन का मामला खुलने के बावजूद कंपनी पल्ला झाड़ रही है।
बताया जा रहा है कि नंबर प्लेट लगाने वाले कर्मचारियों ने जब दिल्ली में बैठे अधिकारियों से बात की तो उन्होंने फीस जमा कर कंप्यूटर पर दर्ज किए बिना किसी भी वाहन पर नंबर प्लेट न लगाने का निर्देश दिया। बताया जा रहा है कि बर्खास्त कर्मचारी कई महीने से यह धांधली कर रहे थे।
जाएंगे उपभोक्ता फोरम
कई वाहन चालकों ने कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में जाने की चेतावनी दी है। सोमवार को ऐसे ही दो व्यक्तियों ने पहले परिवहन अधिकारियों से शिकायत की और उसके बाद कोर्ट जाने की बात कही। वाहन मालिक सुरेश सिंह ने कहा कि यह तो धोखाधड़ी है। वह पुलिस में इसकी शिकायत करेंगे।
सोमवार को कई लोग मेरे पास शिकायत करने पहुंचे थे। कंपनी कर्मचारियों को बुलाया तो पता चला कि दिल्ली से नंबर प्लेट न लगाने का निर्देश उन्हें मिला है। कंपनी या उसके कर्मचारियों की गलती का खामियाजा आम जनता क्यों भुगते? कंपनी को फर्जीवाड़े का शिकार हुए और रसीद लाने वाले सभी वाहन मालिकों की प्लेट लगाने के लिए कहा है। दिल्ली से संबंधित अफसरों को भी दून बुलाया है।
- संदीप सैनी, एआरटीओ प्रशासन