20 मिनट तक आसमान में झूलती रहीं दर्जनभर जिंदगियां, नजारा देख सहमे पर्यटक
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नगर में शनिवार को रोपवे का सफर कुछ पर्यटकों के लिए यादगार बन गया तो कुछ के लिए भयावह भी। दरअसल, सुबह करीब 11 बजे लाइट जाने से गनहिल से माल रोड और झूलाघर से गनहिल जा रही रोपवे ट्रॉली बीच रास्ते में ही अटक गई।
जमीन से करीब 30 मीटर की ऊंचाई पर रोपवे ट्राली में सवार करीब एक दर्जन लोग सहम गए। वहीं, कुछ पर्यटक ट्रॉली के बाहर से माल रोड का विहंगम नजारा देखकर रोमांचित हो उठे।
उन्होंने ट्रॉली से चारों ओर के खूबसूरत नजारों को अपने कैमरे और मोबाइल में भी कैद किया। रोपवे का जेनरेटर खराब होने के कारण करीब 20 मिनट बाद बिजली आने पर ट्रॉली गंतव्य को पहुंची। इसके बाद पर्यटकों ने राहत की सांस ली। नीचे आने पर लोगों ने आपबीती भी सुनाई।
रोजाना की तरह शनिवार को भी पर्यटक झूलाघर पर ट्रॉली लौटने का इंतजार कर रहे थे। गनहिल से ट्रॉली आते ही पर्यटक उसमें सवार होकर ऊपर की ओर चल दिए। अभी ट्रॉली बीच रास्ते में ही पहुंची थी कि बिजली चली गई और दोनों ओर की ट्रॉली अटक गई।
गनहिल से लौट रहे थे पर्यटक
ट्रॉली में रोपवे का एक कर्मचारी भी था। उसने पर्यटकों को बताया कि बिजली जाने के कारण ऐसी दिक्कत शुक्रवार से ही हो रही है। लिहाजा खतरे की कोई बात नहीं है। इसके बावजूद कुछ पर्यटक असहज होने लगे।
हालांकि, उनमें से कुछ लोग रोमांचित भी हो उठे। करीब 20 मिनट बाद बिजली आने पर ट्रॉली गंतव्य को रवाना र्हुइं। दिल्ली से आए नवीन प्रकाश गुप्ता अपने परिवार के साथ गनहिल से लौट रहे थे।
गुप्ता ने बताया कि ट्रॉली रास्ते में रुकने पर वे कुछ देर के लिए सहम गए। लेकिन अन्य पर्यटक रोमांचित भी थे। कुछ देर बाद वे भी सहज हो गए। उन्होंने बताया कि 20 मिनट का यह सफर यादगार हो गया।
रोपवे के कर्मचारियों ने बताया कि बिजली गुल होने का सिलसिला शुक्रवार से ही चल रहा है। बीते दिन जनरेटर भी खराब हो गया। लिहाजा ऐसी दिक्कत दो दिन में कई बार आ चुकी है। उन्होंने बताया कि रोपवे ट्राली में बाकायदा एक कर्मचारी पर्यटकों के साथ जाता है। ऐेसे में पर्यटकों को खतरे जैसी कोई बात नहीं होती है।