रोपवे से बाबा केदार के दर्शन का रास्ता साफ
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केदारनाथ धाम में रोपवे का निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। इसकी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। लिनचोली से केदारनाथ धाम तक के साढ़े तीन किलोमीटर के दायरे में बनने वाले रोपवे से श्रद्धालुओं को धाम तक पहुंचने में काफी आसानी होगी।
सोमवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसकी जानकारी दी। रावत के मुताबिक केदारनाथ में करीब चार हजार लोगों के ठहरने की व्यवस्था की जा रही है।
यहां इस बार हेलीकाप्टर सेवा की भी व्यवस्था की जा रही है। कई स्थानों पर पीसीओ और बेहतर संचार के लिए टावर भी स्थापित किए गए हैं। चार धाम यात्रा के प्रचार-प्रसार के लिए खुद सीएम ने विभिन्न राज्यों का दौरा करने का मन बनाया है।
होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों से हुई मुलाकात में रावत ने कहा कि चार धाम यात्रा शुरू होने से पहले चार धाम से संबंधित जिलों में साहसिक पर्यटन (एडवेंचर टूरिज्म) शुरू किया जा रहा है। यात्रा शुरू होने से पहले ही सभी सड़कों को दुरुस्त करने के लिए लोक निर्माण विभाग और सीमा सड़क संगठन को निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही इस बार हाजिरी मशीन से पंजीकरण (बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन), यात्रा मार्ग पर एसडीआरएफ के जवानों की तैनाती, पानी-बिजली की व्यवस्था पहले से बेहतर की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों से देश में ‘सुरक्षित उत्तराखंड’ का संदेश देने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि वे खुद भी राज्यों का भ्रमण कर यह संदेश देंगे।
रोपवे की कार्ययोजना तैयार
रुद्र प्रयाग के जिलाधिकारी राघव लंगर ने अमर उजाला से बातचीत में संकेत दिए कि केदारनाथ धाम में रोपवे का निर्माण छह माह के भीतर शुरू होने की आशा है। इसके लिए कार्ययोजना को अंतिम रूप दे दिया गया है। साढ़े तीन किमी लंबे रोपवे के जरिये केबल कारों का संचालन सीधे केदारनाथ धाम तक किया जाएगा।
इससे वृद्ध, अशक्त श्रद्धालुओं, महिलाओं और बच्चों को धाम तक पहुंचने में काफी सुविधा होगी। उल्लेखनीय है कि मौजूदा समय में केदारनाथ धाम तक पहुंचने के लिए गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक 14 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है जिसमें साढ़े तीन किलोमीटर खड़ी चढ़ाई है जिससे श्रद्धालुओं को सबसे ज्यादा दुश्वारियां होती हैं। रोपवे से इस खड़ी चढ़ाई से निजात मिलेगी।
एमआई 26 के उतरने की संभावना
बर्फबारी और खराब मौसम के बावजूद केदारनाथ में पुनर्निर्माण का काम जारी है। नेहरू पर्वतारोहण संस्थान से मिली जानकारी के अनुसार वायु सेना का मालवाहक हेलीकाप्टर एमआई-26 बुधवार को उतरने की संभावना है। इस हेलीकाप्टर से ही भारी मशीनों को केदारनाथ पहुंचाया जाएगा। करीब दो दर्जन क्षतिग्रस्त भवनों को ध्वस्त किया जा चुका है। केदार मंदिर के चारों ओर का स्थान खाली कर समतल किया जा चुका है। मंदिर के सामने करीब 20 फुट का रास्ता बनाया गया है।