फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Roorkee: Villagers sitting on dharna carrying dead body of bandi

रुड़कीः बंदी का शव लेकर धरने पर बैठे ग्रामीण, अंतिम संस्कार से कर रहे थे इनकार 

Sun, 05 Jan 2020 10:25 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंगलौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंगलौर Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sun, 05 Jan 2020 10:25 AM IST
सार

  • एएसडीएम को सौंपा ज्ञापन, गिरफ्तारी, नौकरी, मुआवजे के आश्वासन पर हुए शांत 

विज्ञापन
Roorkee: Villagers sitting on dharna carrying dead body of bandi
प्रदर्शन करते ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जेल में विचाराधीन बंदी की मौत के मामले में परिजन और ग्रामीणों ने प्रधान पति समेत चार लोगों की गिरफ्तारी तक अंतिम शव का संस्कार करने इनकार कर दिया। साथ ही शव लेकर गंगनहर की पटरी की ओर जाने लगे। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस पहुंची और उन्हें समझाने का प्रयास किया।

विज्ञापन


इस पर लोग शव को गंगनहर की पटरी के पास रखकर धरने पर बैठ गए और गिरफ्तारी पर अड़ गए। यही नहीं वे परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और 25 लाख मुआवजा भी मांगने लगे। मौके पर पहुंचे एसपी देहात और एएसडीएम ने ग्रामीणों को जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए।
विज्ञापन


बृहस्पतिवार को लिब्बरहेड़ी गांव निवासी दीपक ने रुड़की जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। शुक्रवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराना चाहा तो परिजनों ने प्रधान पति समेत चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की। साथ ही पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। देर शाम प्रधान पति समेत चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद परिजन पोस्टमार्टम को राजी हुए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस में खलबली मच गई

पोस्टमार्टम के बाद रात में परिजन शव गांव ले गए। वहीं, शनिवार को मामले ने फिर तूल पकड़ लिया। परिजन और सैकड़ों ग्रामीण शव लेकर हाईवे से होते हुए गंगनहर की पटरी पर जाने लगे। इससे पुलिस में खलबली मच गई। आननफानन में एसपी देहात एसके सिंह, सीओ मंगलौर डीएस रावत, एएसडीएम रविंद्र सिंह बिष्ट, मंगलौर कोतवाली प्रभारी प्रदीप चौहान समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और उन्हें रोक लिया।

इस पर परिजन और ग्रामीण शव को लेकर गंगनहर पटरी के पास धरने पर बैठ गए। इसी बीच भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह भी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण एक सदस्य को सरकारी नौकरी और 25 लाख रुपये का मुआवजा मांगने लगे।

साथ ही ग्राम प्रधान पति समेत चारों की गिरफ्तारी के बाद ही अंतिम संस्कार करने की जिद पर अड़ गए। इस दौरान परिजनों ने एएसडीएम को एक ज्ञापन भी सौंपा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जल्द गिरफ्तारी की जाएगी और उन्हें सरकार से उचित सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इसके बाद परिजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार हुए। इसके बाद पुलिस सुरक्षा के बीच मृतक का अंतिम संस्कार हुआ।

मजिस्ट्रेट जांच के बाद होगी कार्रवाई

एएसडीएम रविंद्र सिंह बिष्ट ने ग्रामीणों को बताया कि जिस दिन दीपक की मौत हुई थी, उसी दिन डीएम ने मामले में मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए थे। इस मामले की मजिस्ट्रेटी जांच चल रही है। जो भी जांच में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed