रुड़की: बैठक में विधायक के पहुंचने पर पार्षद का हंगामा, लगाए गंभीर आरोप, मेयर ने भी उठाए सवाल
- नगर में विकास कार्य नहीं होने को लेकर किया था बैठक का आयोजन
- विधायक ने कहा, पार्षदों ने ही फोन कर किया था पहुंचने का अनुरोध
विस्तार
रुड़की में पार्षदों की बैठक में विधायक के पहुंचने पर एक पार्षद ने हंगामा खड़ा कर दिया। पार्षद ने विधायक पर कई गंभीर आरोप भी लगाए। इससे कुछ देर के लिए बैठक का माहौल गरमा गया। विधायक पार्षद के नजदीक पहुंचे और उससे बात करने की कोशिश की तो नोकझोंक शुरू हो गई। बाद में सभी पार्षदों ने समझाबुझाकर मामला शांत किया।
भाजपा समेत अन्य दलों के पार्षदों ने बृहस्पतिवार को एक स्थानीय होटल में बैठक बुलाई थी। बैठक का मुद्दा विभिन्न वार्डों में अटके विकास के कार्य का नहीं होना था। इस दौरान करीब 20 पार्षद बैठक में मौजूद थे। बैठक सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई। इसके कुछ देर बाद ही बैठक में विधायक प्रदीप बत्रा भी पहुंच गए। इसके बाद बैठक में पहुंचे पार्षद शक्ति राणा ने विधायक की मौजूदगी का विरोध शुरू करते हुए हंगामा खड़ा कर दिया।
उनका कहना था कि पार्षदों की बैठक में विधायक को बुलाने का कोई औचित्य नहीं है। इस दौरान उन्होंने विधायक पर विकास कार्यों को लेकर कई आरोप लगाने भी शुरू कर दिए। इससे बैठक में हंगामा हो गया। बाद में पार्षदों ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत करा दिया। इस दौरान पार्षद ने नगर निगम में विकास कार्य नहीं होने पर नाराजगी जताई। बैठक में विधायक ने सभी समस्याओं का समाधान कराने का भरोसा दिलाया।
वहीं विधायक प्रदीप बत्रा का कहना है कि उनका बैठक में आने का कोई कार्यक्रम नहीं था। कई पार्षदों ने उन्हें फोन कर पहुंचने का अनुरोध किया था। इसके चलते वे पार्षदों की समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचे थे।
ये उठाई समस्याएं
- स्ट्रीट लाइटें नहीं लगने से सड़कों और कालोनियों में अंधेरा पसरा है।
- नगर निगम के करोड़ों की टेंडर प्रक्रिया अधर में लटकी है।
- शहर में जगह-जगह टूटी सड़कें और गड्ढों की समस्या।
- शहर के कई हिस्सों में बिना बरसात के ही जलभराव की समस्या
- सीवर लाइनों के कनेक्शन नहीं होने के चलते हो रही परेशानी
भाजपा पार्षदों ने मेयर की कार्यशैली पर उठाए सवाल
विकास कार्यों को लेकर भाजपा के ही पार्षद मेयर गौरव की कार्यशैली के विरोध में खड़े हो गए हैं। बैठक में पार्षदों ने आरोप लगाया कि मेयर पार्षदों के एक धड़े को साथ लेकर विकास के बजाय निगम की राजनीति को बढ़ावा दे रहे हैं। इस भेदभाव से पार्षदों में रोष है। उन्होंने कहा कि इस बारे में विधायक को अवगत करा दिया गया है। अब भाजपा मंडल अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष को भी अवगत कराया जाएगा। यदि तब भी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
कहते हैं कि निकाय चुनाव में पार्टी से ज्यादा व्यक्तिगत छवि और नफा नुकसान मायने रखता है, लेकिन रुड़की निगम की राजनीति जिस तरफ बढ़ रही है उससे साफ है कि निर्वाचित बोर्ड में इससे फर्क नहीं पड़ रहा है कि भाजपा के कितने पार्षद हैं और विरोधी पार्षदों की तादाद कितनी है। यहां भाजपा के पार्षद मेयर के विरोध में सुर मिलाते दिख रहे हैं, वहीं कई विरोधी पार्टी के पार्षद मेयर के खेमे में दिखाई दे रहे हैं। भाजपा पार्षद नितिन त्यागी ने कहा कि मेयर गौरव गोयल ने अपने पक्ष में पार्षदों का एक गुट खड़ा कर लिया है। इसमें गैर भाजपा पार्षद भी शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मेयर पार्षदों पर दबाव बनाने की राजनीति कर रहे हैं। जिसमें भाजपा पार्षदों की भी उपेक्षा की जा रही है।
विधायक की एंट्री पर मेयर का सवाल
जहां एक ओर पार्षद शक्ति राणा ने पार्षदों की बैठक में विधायक प्रदीप बत्रा के पहुंचने का विरोध किया है। वहीं मेयर गौरव गोयल ने भी विधायक के हस्तक्षेप पर ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा है कि विधायक का हस्तक्षेप नगर निगम की राजनीति में नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बैठक में किसने विधायक को बुलाया इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन पार्षदों की बैठक है तो उसमें विधायक के पहुंचने का कोई औचित्य नहीं है।
मैंने पार्षदों के बीच कोई गुटबाजी नहीं की है। अब मैं ही पार्षद दल का नेता भी हूं। मैंने भाजपा पार्षदों की कोई बैठक नहीं बुलाई थी। पार्षदों ने जो बैठक की, उसमें मुझे भी नहीं बुलाया गया। मेरे पास सभी पार्षद काम के लिए आते हैं, जो पार्षद नहीं आ रहे हैं, वे दबाव की राजनीतिक कर रहे हैं।
- गौरव गोयल, मेयर नगर निगम रुड़की