रुड़की निकाय चुनाव: मतगणना को लेकर प्रत्याशियों और समर्थकों में बेचैनी, हार-जीत के आकलन में जुटे
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रुड़की नगर निगम का चुनाव संपन्न होने के बाद शहर में हार-जीत का आकलन शुरू हो गया है। प्रत्याशी और समर्थक जहां जाति धर्म या फिर पार्टी के कैडर वोट के आधार पर अपनी जीत का दावा कर रहे हैं तो वहीं और राजनीतिक पंडित भी अपने हिसाब वोटों के गुणा भाग में जुटे हैं।
बहरहाल, मेयर और पार्षदों के पद पर किसका कब्जा होगा, यह तो रविवार को मतगणना के बाद ही साफ हो सकेगा। मतगणना को लेकर प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में बेचैनी बढ़ गई है।
शुक्रवार सुबह आठ बजे मतदान शुरू हुआ। इस दौरान प्रत्याशी और उनके समर्थक अपने-अपने पक्ष में वोट कराने के लिए साम, दाम, दंड, भेद की नीति अपनाते रहे। साथ ही समय-समय पर वोटरों का रुझान लेते रहे।
देर शाम मतदान समाप्त होने के साथ ही मेयर के दस और पार्षदों के 210 प्रत्याशियों का भविष्य मतपेटियों में बंद हो गया। चुनाव समाप्त होने के साथ ही प्रत्याशियों और समर्थकों ने भी राहत की सांस ली और हार-जीत के आंकड़े जुटाने में जुट गए।
यही नहीं, प्रत्याशी और समर्थक गली मोहल्लों में वोटरों का रुझान लेकर अपने पक्ष में हुए मतदान का आकलन करने में जुटे हैं ताकि किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके। कुछ प्रत्याशी जाति-धर्म के आधार पर गणित लगाने में जुटे रहे तो वहीं भाजपा, कांग्रेस और बसपा के प्रत्याशी व्यक्तिगत वोटरों के साथ पार्टी के कैडर वोट के आधार पर परिणाम अपने पक्ष में बता रहे हैं। देर शाम चौराहों पर राजनीतिक चौपालें भी लगीं, जिनमें राजनीतिक पंडित भी वोटों का गुणाभाग करते दिखे।