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रुड़की : सफाई से शुरू हुआ कारवां, अब पार्क बनाकर खिला दिया गुलशन
Tue, 03 Nov 2020 01:02 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
विशाल चौधरी, अमर उजाला, रुड़की
विशाल चौधरी, अमर उजाला, रुड़की
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Tue, 03 Nov 2020 01:02 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंजिल मगर, लोग साथ आते गए और कारवां बनता गया। मशहूर शायर मजरूह सुल्तानपुरी का यह शेर गायत्री परिवार के लोगों की ओर से पेश की गई स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की मिसाल पर सटीक बैठता है। यह इन लोगों की मेहनत और कुछ कर गुजरने की सोच का ही नतीजा है कि जहां एक साल पहले तक कूड़े के ढेर लगे रहते थे, आज वहां सुंदर पार्क के रूप में चमन खिलखिला रहा है। खास बात यह है कि पार्क के निर्माण में कोई सरकारी सहायता नहीं ली गई।
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रुड़की में करीब एक हजार परिवार गायत्री परिवार से जुड़े हैं। इनकी गंगनहर किनारे स्थित गायत्री माता मंदिर में अगाध आस्था है। मंदिर के पंडित दीपक भारद्वाज बताते हैं कि मंदिर के पास गंगनहर किनारे कूड़े के ढेर जमा थे। आसपास काफी गंदगी फैली थी। 28 सिंतबर, 2019 को सबसे पहले यहां कुछ लोगों ने सफाई की। इसके बाद गायत्री परिवार के और लोग भी आ गए।
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निरंतर सफाई का काम शुरू कर दिया गया। कई ट्रॉली कूड़े को भरकर गंदगी साफ कराई गई। इसके बाद योजना बनाई गई कि यहां सुंदर पार्क का निर्माण कराया जाए। गायत्री परिवार के लोगों ने इसे मुहिम के रूप में लेते हुए चंदा एकत्र किया और एक साल के अंदर पार्क का भी निर्माण हो गया।
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अब पार्क का मनोरम दृश्य मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र है। यहां सुबह-शाम बुजुर्ग आकर बैठते हैं और धार्मिक चर्चा करते हैं। पार्क के चारों तरफ पर रेलिंग लगाकर पेंट कराया गया है। साथ ही पौधरोपण भी किया गया। पंडित दीपक भरद्वाज ने बताया कि गायत्री परिवार की योजना शिक्षा, संस्कार, पर्यावरण और स्वच्छता के क्षेत्र में काफी कुछ करने की है। यह महज शुरुआत है। आगे भी बहुत कुछ किया जाएगा।
तीन लाख आई लागत, फरीदाबाद से मंगाई गई बेंच
पार्क के निर्माण में करीब तीन लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। पंडित दीपक भारद्वाज ने बताया कि फरीदाबाद से 40 हजार की आठ बेंच खरीदकर मंगाई गई है, जो पार्क की शोभा बढ़ा रही है। यही नहीं, गायत्री परिवार के लोग अपने खर्च से ही नहर बंदी के दौरान क्षतिग्रस्त हो चुकी गंगनहर की दीवार का निर्माण भी करा रहे हैं। स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम में गायत्री परिवार के एचएम कपूर, प्रदीप सिंघल, सतीश कुमार वैश्य, वाईएन गोयल, हंस कुमार सिंघल समेत कई लोगों ने सहायता दी है।