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हड़ताल ने थामे बसों के पहिये, यात्री परेशान, 40 लाख का नुकसान

Sat, 03 Sep 2016 01:45 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 03 Sep 2016 01:45 AM IST
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roadways union on strike in uttarakhand.
देहरादून आईएसबीटी - फोटो : AmarUjala

केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों और मोटर वाहन अधिनियम 1989 संशोधन 2005 को लागू करने के विरोध में रोडवेज यूनियनों ने चक्काजाम किया। बृहस्पतिवार रात 12 बजे से शुक्रवार दोपहर एक बजे तक प्रदेश भर में बसों के पहिये थमे रहे। बसों का संचालन ठप होने से लाखों यात्रियों को दुश्वारियां झेलनी पड़ीं। चक्काजाम के कारण उत्तराखंड परिवहन निगम को करीब 40 लाख रुपये का नुकसान हुआ। रोडवेज यूनियनों ने आईएसबीटी, हिल डिपो, आरएम कार्यालय और कार्यशाला में अलग-अलग तरीकों से विरोध जताया।

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संशोधित मोटर अधिनियम की प्रतियां जलाई 
चक्काजाम के दौरान उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन से जुड़े कर्मचारियों ने आईएसबीटी पर धरना दिया। मोटर वाहन अधिनियम 1989 संशोधन 2005 की प्रतियां जलाकर कड़ा विरोध जताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट ललित नारायण मिश्रा को सौंपा। संरक्षक सुशील राठी, महामंत्री अशोक चौधरी, मंडलीय मंत्री केपी सिंह ने कहा कि सरकार सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को समाप्त कर कारपोरेट घरानों को सौंपना चाहती है। अधिनियम में संशोधन के बाद चालक परिचालकों को होने वाले नुकसान की जानकारी दी। हरेंद्र कुमार, दीपक शाह, जितेंद्र कुमार, सतेंद्र तिवारी, कलम सिंह, संदीप कुमार, सौरभ चौधरी, प्रदीप भाटी, सुदिक्षित शर्मा, परमजीत सिंह आदि मौजूद रहे।

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आरएम कार्यालय में कार्य बहिष्कार

roadways union on strike in uttarakhand.
उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में बैठकर गए यात्री - फोटो : AmarUjala

गांधी रोड स्थित आरएम कार्यालय और हिल डिपो पर रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने कार्य बहिष्कार और चक्का जाम किया। महामंत्री रामचंद्र रतूड़ी, दिनेश गुसाईं, प्रेम सिंह रावत, विपिन बिल्जवाण ने कहा कि परिवहन निगम को केंद्र और प्रदेश सरकार से कोई मदद नहीं दी जा रही है। ऊपर से प्राइवेट आपरेटरों को परिवहन व्यवस्था देने से निगमों का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा। बिल को वापस न लने पर फिर से चक्काजाम की चेतावनी दी। इस दौरान विपिन वालिया, रमेश कुमार, जयराज सिह, संजय शर्मा, एसके बागला, राजीव गुप्ता, अमरिन्दर सिह, समीर सौन्धी, कर्मवीर सिह, रमेश शर्मा, रीता आहूजा आदि शामिल रहे।

यूपी रोडवेज का नहीं मिला साथ 
रोडवेज यूनियनों के चक्काजाम को यूपी रोडवेज का साथ नहीं मिला। यूपी रोडवेज की बसें हड़ताल के दौरान भी चलती रहीं। हालांकि जो बसें आईएसबीटी के अंदर खड़ी थीं उनको प्रदर्शनकारियों ने बाहर नहीं आने दिया। जो बसें बाहर थीं, वे लगातार सवारियां ढोती रहीं। इस दौरान यूपी की बसों में यात्रियों की भारी भीड़ रही।

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