माय सिटी रिपोर्टर देहरादून अप्रैल और मई माह का वेतन नहीं मिलने से आंदोलित रोडवेज कर्मियों ने आंदोलन की राह पकड़ ली है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन पदाधिकारियों की अगुवाई में चालकों, परिचालकों समेत तमाम कर्मचारियों ने देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की, कोटद्वार समेत सभी डिपो में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। इस दौरान यूनियन पदाधिकारियों ने राज्य सरकार से मांग उठाई कि हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों की तर्ज पर उत्तराखंड सरकार भी अधिकारियों, कर्मचारियों के वेतन के लिए विशेष आर्थिक पैकेज जारी करें। बता दें कि रोडवेज अधिकारियों, कर्मचारियों को अब तक अप्रैल-मई माह का वेतन नहीं मिल पाया है। जिसकी वजह से कर्मचारियों को गंभीर आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ रहा है। वेतन नहीं मिलने से आक्रोशित कर्मचारियों ने आंदोलन की शुरुआत कर दी है। आंदोलन के पहले चरण में कर्मचारी सभी डिपो में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज दर्ज करा रहे हैं। इसी अभियान के तहत उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश महामंत्री अशोक चौधरी की अगुवाई में चालकों परि चालकों समेत सभी कर्मचारियों ने देहरादून आईएसबीटी पर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं देहरादून के अलावा हरिद्वार, रुड़की, ऋषिकेश , कोटद्वार समेत गढ़वाल के सभी डिपो में कर्मचारियों ने आंदोलन किया। इस मौके पर उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश महामंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि सरकार और शासन रोडवेज कर्मचारियों की आर्थिक दिक्कतों के लिए कतई गंभीर नहीं हैं। गाड़ियों का संचालन ठप होने की वजह से कर्मचारियों को गंभीर वित्तीय संकटों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि कोरोना संक्रमण के चलते लागू लॉकडाउन के दौरान सरकार, शासन के निर्देश पर चालकों परिचालकों ने जान की बाजी लगाकर लॉकडाउन में फंसे प्रवासियों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाया। इतना ही नहीं यूनियन पदाधिकारियों ने साफतौर पर कहा कि कर्नाटक सरकार की ओर से परिवहन निगम को 650 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र सरकार ने एमएसआरटीसी को के कर्मचारियों को पूरा वेतन देने के साथ ही राजस्थान सरकार ने भी वहां के परिवहन निगम प्रबंधन को 200 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बजट जारी किया है। वहीं हिमाचल प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्य सरकारों की ओर से परिवहन निगम कर्मचारियों को नियमित वेतन का भुगतान किया जा रहा है। लेकिन उत्तराखंड में रोडवेज कर्मचारियों को वेतन के लाले हैं। ऐसे में कर्मचारियों की समस्याओं को देखते हुए सरकार को परिवहन निगम के लिए जल्द से जल्द अलग से आर्थिक पैकेज की घोषणा करनी चाहिए। यूनियन पदाधिकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारियों का वेतन भुगतान जल्द ही किया गया तो वे आंदोलन तेज कर सकते हैं जिसकी जिम्मेदारी सरकार, शासन और परिवहन निगम प्रबंधन की होगी।