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अब जाए मानसून तो मिले सुकून
अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 14 Oct 2013 09:52 AM IST
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राजधानी देहरादून की सड़कों पर निकलने वाले लोग इन दिनों परेशान हैं।वजह कुछ और नहीं बल्कि शहर की टूटी-फूटी सड़कें हैं। हर रोज इन सड़कों पर हादसे होते हैं या होते-होते बच रहे हैं।
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राहों के उद्धार के इंतजार में लोग
इन राहों के उद्धार के इंतजार में एक ओर वे लोग हैं, जिनका वास्ता इससे रोज पड़ता है तो दूसरी ओर विभाग भी इस ताक में बैठा है कि कब मानसून खत्म हो और सड़कें बनाने का काम शुरू किया जा सके।
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हालात बता रहे हैं कि शहर की सड़कों को चकाचक होने में कुछ दिन और लग सकते हैं। इसकी वजह है मौसम विभाग की ओर से जारी बारिश की चेतावनी।
इसके बाद लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने 15 अक्तूबर तक के लिए प्लांट (जहां सड़क निर्माण सामग्री तैयार की जाती है) का काम बंद कर दिया है।
जाहिर है कि अब मानसून खत्म होने के बाद ही सड़कें बनाने का कार्य शुरू हो पाएगा। ऐसा इसलिए क्योंकि तारकोल की सड़कें बारिश के दौरान बनाए जाने की स्थिति में जल्द टूट जाती हैं।
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60 किलोमीटर से अधिक सड़कें क्षतिग्रस्त
शहर और आसपास के क्षेत्रों में 60 किलोमीटर से अधिक सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। इसे बनाने के लिए पिछले दो सप्ताह से लोनिवि के अधिकारी प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन रोजाना मौसम खराब रह रहा है।
अतिक्रमण अभियान थमा
कारगी रोड पर लोक निर्माण विभाग का अतिक्रमण अभियान थम गया है। स्थानीय लोगों के भारी विरोध और कांग्रेस-भाजपा नेताओं के दबाव में लोनिवि ने बकरीद तक अभियान को रोक दिया है।
विभाग के अधिशासी अभियंता बीएन चौधरी ने बताया कि 18 दिसंबर के बाद ही अभियान शुरू किया जाएगा। इसको लेकर स्थानीय लोगों से भी बात की जाएगी। बताया कि सड़कों पर रैंप बनाने से पानी का बहाव रुक रहा है।
साथ ही इस मार्ग पर यातायात जाम की भी समस्या बनी हुई है, जिससे निजात दिलाने के लिए अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान शुरू किया गया था।
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