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चीन-नेपाल सीमा मजबूत करने को भारत का कदम

Sun, 03 May 2015 08:02 PM IST
अरुणेश पठानिया/ अमर उजाला, देहरादून
अरुणेश पठानिया/ अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 03 May 2015 08:02 PM IST
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road network in china nepal border.

चीन और नेपाल सीमा से सटे राज्यों में कमजोर सड़क नेटवर्क को मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार ने महत्वाकांक्षी भारत माला परियोजना तैयार की है।

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इसके तहत उत्तराखंड के चीन और नेपाल से सटे संवेदनशील सीमांत इलाकों को सड़क नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे सैन्य बलों को सीमांत इलाकों तक रसद और संसाधनों की पहुंच आसान हो जाएगी।
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चीन सीमा से लगते राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल से सुदूर पूर्वोत्तर राज्यों के बीच सबसे बड़ा हिस्सा लगभग तीन सौ किलोमीटर उत्तराखंड में निर्मित होगा। सामरिक महत्व की उत्तराखंड में निर्माणाधीन 19 सड़कें भी नेटवर्क से जुड़ेंगी।
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प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के स्वर्णिम चतुर्भुज सड़क नेटवर्क की तर्ज पर अब केंद्रीय भूतल परिवहन एवं हाईवे मंत्रालय ने पांच हजार किलोमीटर लंबी भारत माला परियोजना तैयार की है। परियोजना में सभी सीमांत राज्यों (चीन, नेपाल, पाकिस्तान, बंगलादेश, भूटान से सटे) को एक सड़क नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।

यह परियोजना तटीय सीमा वाले राज्यों को इस कॉरिडोर से जोड़ेगी। सड़कें वहां बनेंगी जहां पहले से कोई सड़क मौजूद नहीं है। अगर सीमांत क्षेत्रों में सड़कें मौजूद हैं वहां पर छूटे हुए हिस्से योजना के तहत बने कॉरिडोर से जुड़ेंगे।

सेंट्रल सेक्टर में सड़कें सेना की बड़ी चिंता

road network in china nepal border.

ऐसे में उत्तर भारतीय राज्यों में सर्वाधिक सीमांत सड़क उत्तराखंड में बनाई जाएगी। प्रदेश में सीमांत सड़कों का नेटवर्क कमजोर होने के चलते लगभग तीन सौ किलोमीटर लंबी सड़क भारत माला परियोजना के तहत बनेगी। जम्मू कश्मीर, हिमाचल और सिक्किम में मौजूदा सड़कों को जोड़ा जाएगा।

चीन सीमा से जुड़े सेंट्रल सेक्टर का बड़ा हिस्सा उत्तराखंड में आता है। सेना लंबे समय से यहां सीमांत सड़कों को जल्द बनाने की मांग कर रही है।

लेकिन सामरिक महत्व की 440 किलोमीटर लंबी 19 सड़कों पर वर्ष 2006-07 में शुरू हुआ निर्माण अभी भी अधूरा है। केवल 190 किलोमीटर पर खुदाई और कटान हो पाया है। ऐसे में रक्षा मंत्रालय ने 2012 की निर्धारित डेडलाइन को बढ़ाकर 2017 कर दिया है।

प्रदेश की सीमा तक चीन की सड़कें
चीन (तिब्बत) के साथ उत्तराखंड की 350 किलोमीटर लंबी सीमा लगी हुई है, जबकि नेपाल के साथ लगभग 275 किलोमीटर लंबा बार्डर एरिया है। सीमा पार चीन ने पूरी तरह से सड़क, रेल और हवाई अड्डे निर्मित कर लिए हैं।

राज्य के सभी सीमांत जनपदों तक चीन का रोड नेटवर्क बन चुका है। इसके अलावा चीन के पास सेंट्रल सेक्टर में पांच हवाई अड्डे और ल्हासा तक रेलवे लाइन है।

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