{"_id":"f874006740adcaeab9deb36a40040d5e","slug":"road-in-bad-condition-1","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएम के आने से पहले कमिया पाट रहा विभाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएम के आने से पहले कमिया पाट रहा विभाग
अमर उजाला, गोपेश्वर
Updated Thu, 24 Apr 2014 10:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री हरीश रावत के गोपेश्वर दौरे को देखते हुए लोक निर्माण विभाग सड़कों के गड्ढों को पाटने में जुट गया है।
विज्ञापन
नगर की सड़कें बदहाल स्थिति में
मुख्यमंत्री 25 अप्रैल को पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी हरक सिंह रावत के पक्ष में चुनावी सभा संबोधित करेंगे। गोपेश्वर में पिछले डेढ़ वर्ष से सीवर लाइन निर्माण का काम चल रहा था।
सीवर लाइन बिछाए जाने के बाद अमृत गंगा पेयजल योजना के निर्माण कार्य से नगर की सड़कें बदहाल स्थिति में पहुंच गई।
चमोली से गोपेश्वर तक दस किमी की सड़क बदहाल होने से क्षेत्रवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बरसात में सड़क के जलमग्न होने से दुर्घटना में लोग भी चोटिल हुए। क्षेत्रवासी लंबे समय से सड़कों की दशा सुधारने की मांग कर रहे थे, लेकिन अधिकारियों ने सुनवाई नहीं की।
विज्ञापन
अब चुनाव प्रचार अभियान के लिए मुख्यमंत्री हरीश रावत के दौरे की सूचना आते ही लोक निर्माण विभाग बदहाल सड़क को सुधारने में जुट गया है।
बदहाल मार्गों से गुजर रहे लोग, खतरा
आपदा के 10 माह बाद भी घाट ब्लाक के मोटर मार्गों को दुरुस्त नहीं किया जा सका है।
ब्लॉक मुख्यालय को देश और दुनिया से जोड़ने वाले नंदप्रयाग-घाट मोटर मार्ग की स्थिति भी दयनीय बनी है। कई जगह पर मोटर मार्ग की नदी साइड खोखली पड़ी हुई है।
विज्ञापन
जिले के घाट ब्लाक के करीब 48 ग्राम पंचायतों के 60 हजार लोग आपदा के बाद से जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं।
वाहनों के संचालन की स्वीकृति भी नहीं
विकास के नाम पर ब्लॉक में छह से अधिक सड़कों का निर्माण किया गया, लेकिन वर्तमान में कोई भी सड़क आवाजाही लायक नहीं बनी है।
वहीं अधिकतर सड़कों को परिवहन विभाग से वाहनों के संचालन की स्वीकृति भी नहीं मिली है।
ऐसे में वाहन चालक और ग्रामीण अपने रिस्क पर इन सड़कों पर रोज जान हथेली पर रखकर आवाजाही कर रहे हैं। पूर्व प्रमुख ममता गौड़ और कलावती मैंदुली का कहना है कि घाट कृषि प्रधान क्षेत्र है।
यहां की उपज की दिल्ली के बाजारों तक मांग है, लेकिन सरकार क्षेत्र के विकास और सड़कों की मरम्मत के लिए कोई पुख्ता कदम नहीं उठा रही है।