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घटिया हेलमेट नहीं बचा सका जान
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 01 Oct 2014 09:36 AM IST
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घटिया हेलमेट की वजह से मंगलवार सुबह हुए हादसे में कॉल सेंटर में काम करने वाले युवक की मौत हो गई। सहस्त्रधारा रोड पर उसकी बाइक सड़क किनारे खड़े डंपर से जा टकराई।
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सिर-कान के हिस्से में गंभीर चोट
हादसे में उसका हेलमेट टूट गया और सिर-कान के हिस्से में गंभीर चोट ने उसकी जान ले ली। रायपुर के तपोवन एन्क्लेव निवासी चमन लाल मंगवाल राजपुर रोड स्थित रक्षा लेखक नियंत्रक से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनका बेटा अभिषेक (25) आईटी पार्क स्थित एक कॉल सेंटर में नौकरी करता था।
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मंगलवार सुबह करीब सवा छह बजे वह बाइक पर ड्यूटी जा रहा था। सहस्त्रधारा रोड पर मंदाकिनी विहार के पास उसकी बाइक सड़क किनारे खड़े डंपर में पीछे से टकरा गई। अभिषेक ने हेलमेट पहना था, लेकिन डंपर से टकराने के बाद हेलमेट टूट कर बिखर गया।
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लोगों ने 108 एंबुलेंस में उसे दून अस्पताल पहुंचाया। बाद में उसे मैक्स अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इसी बीच परिजन भी रोते-बिलखते अस्पताल पहुंच गए। मयूर विहार चौकी प्रभारी सुबोध ने बताया कि लोकल हेलमेट होने के कारण वह टूट गया। पुलिस ने डंपर चालक को हिरासत में ले लिया है।
सबसे छोटा था अभिषेक
अभिषेक अपने भाई-बहनों में सबसे छोटा था। बड़ा भाई अमित लंदन में चाइल्ड स्पेशलिस्ट है, जबकि बहन मंजू अमेरिका में रहती है। तीसरी बहन रेणू की भी शादी हो चुकी है। अभिषेक अभी अविवाहित था।
आईएसआई मार्क जरूर देखें
इस हादसा का सबक यह है कि चंद रुपयों के लिए हेलमेट के मामले में समझौता न करें। क्योंकि, यह समझौता जिंदगी पर भारी पड़ सकता है। हेलमेट खरीदते समय उस पर आईएसआई मार्क जरूर देखें। यह हेलमेट कुछ महंगा जरूर मिलेगा, लेकिन सुरक्षित यही है।
चूंकि, एक अक्तूबर से दोपहिया पर दूसरी सवारी के लिए भी हेलमेट अनिवार्य हो जाएगा। इसलिए अपने साथी की सुरक्षा के लिए आईएसआई मार्क हेलमेट ही खरीदें। एसपी ट्रैफिक प्रदीप राय का कहना है कि लोकल हेलमेट टकराने के बाद पिचक या टूट जाते हैं।
जबकि आईएसआई मार्क के हेलमेट की क्वालिटी अच्छी होती है। टूट भी जाए तो सिर को बचा लेता है। सुरक्षा के लिहाज से हेलमेट की बेल्ट बांधना भी जरूरी है।