यूटीलिटी खाई में गिरी पांच लोगों की मौत
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दिल्ली-यमुनोत्री राजमार्ग पर यमुना ब्रिज के पास यूटीलिटी के पलट जाने से पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद वाहन चालक फरार चल रहा है। मृतकों का पोस्टर्माटम कर शव परिजनों को सौप दिया गया है। यूटीलिटी विकासनगर से बड़कोट उत्तरकाशी के लिए जा रही थी।
बीती रात को यमुना ब्रिज के पास विकासनगर से आ रही यूटीलिटी संख्या यूके 07 सीए-1484 अनियंत्रित होकर लगभग 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस दुर्घटना में ग्राम कांडी तहसील बड़कोट उत्तरकाशी निवासी जगवीर सिंह (31) पुत्र पूरण सिंह, ग्राम अरूण बड़कोट निवासी जगमोहन (36) पुत्र श्रीचंद, ग्राम कासोल पुरोला निवासी भरत सिंह (38) पुत्र भरत सिंह ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था।
चिकित्सालय पहुंचने से पहले दम तोड़ा
दुर्घटना में घायल हुए मुजफ्फनगर 10/16 खाला पाल दक्षिणी मोहम्मद अरसद (35) पुत्र ईलियास, ग्राम बिहारी-दो मकान नंबर 242 मुजफ्फरनगर सलीम (40) पुत्र युनूस को उपचार के लिए मसूरी ले जाया जा रहा था। लेकिन दोनों नहीं ही चिकित्सालय पहुंचने से पहले दम तोड़ दिया था। ये दोनो ही बड़कोट में फेरी का काम करते थे। वाहन चालक नौगांव पुरोला उत्तरकाशी निवासी दीपेंद्र सिंह मौके के बाद फरार हो गया है।
स्थानीय लोगों के सहयोग से घायलों को खाई से निकालकर 108 की मदद से चिकित्सालय पहुंचाया गया। तीन मृतकों का नैनबाग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और दो का मसूरी चिकित्सालय में पोस्टमार्टम कराया गया। एसडीएम संतोष कुमार पांडेय ने बताया कि फरार चल रहे वाहन चालक की तलाश की जा रही है।
रातभर बरामदे पडे़ रहे शव
प्राथमिक चिकित्सालय में शवों को रखने के लिए मोरचरी की कोई व्यवस्था नहीं है। दुर्घटना होने पर शवों को वार्ड के बंगल बरामदे में रखा जाता है। जिस कारण वार्ड में भर्ती रोगियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। टटोर के पूर्व प्रधान गंभीर सिंह रावत, श्याम सिंह चौहान और सोमवारी लाल नौटियाल ने चिकित्सालय में मोरचरी निर्माण की मांग की है।
बुढ़ापे पर टूटा दुखों का पहाड़
दिल्ली-यमुनोत्री राजमार्ग पर यमुना ब्रिज के पास हुई वाहन दुर्घटना ग्राम अरूण बड़कोट के श्रीचंद के परिवार पर कहर बनकर टूट पड़ी। दुर्घटना में मृत जगमोहन उनका एक मात्र पुत्र था। खेतीबाड़ी कर जगमोहन परिवार का भरण पोषण करता था। उनकी माता का देहांत पहले ही हो चुका है। 70 वर्षीय पिता इस हादसे से गहरे सदमें है। जगमोहन अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गया है। बच्चों का लालन-पालन जगमोहन के वृद्ध पिता कैसे कर पाएंगे यह चिंता सबको सता रही है।