BJP में आने के बाद रीता बहुगुणा का उत्तराखंड की राजनीति में होगा दखल!
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यूपी कांग्रेस कमेटी की पूर्व अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी के भाजपा में शामिल होने पर राजनीतिक गलियारे में यह सवाल उठा कि क्या उत्तराखंड में भी उनकी कोई भूमिका होगी? दरअसल, उत्तराखंड में ही उनका मायका भी है और ससुराल भी।
पार्टी में कुछ लोगों का मानना है कि रीता के भाजपा में आने का फायदा उत्तराखंड में भी होगा। रीता बहुगुणा के भाजपा में शामिल होने की संभावना तो उसी वक्त से व्यक्त की जा रही थी, जब विजय बहुगुणा ने कांग्रेस छोड़ी थी।
यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा की पुत्री रीता बहुगुणा जोशी लंबे अर्से से राजनीति में सक्रिय हैं। वैसे तो अब तक उनका राजनीतिक दखल यूपी की राजनीति में रहा है। विजय बहुगुणा के उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उन्होंने उत्तराखंड में सक्रिय होने की कोशिश नहीं की थी।
उत्तराखंड में लिया जा सकता है मनोवैज्ञानिक लाभ
अब भाजपा में आने के बाद यह उम्मीद है कि उनकी सक्रियता उत्तराखंड में भी होगी। पार्टी के कुछ जिम्मेदार लोगों का मानना है कि रीता के पार्टी में आने का मनोवैज्ञानिक लाभ उत्तराखंड में लिया जा सकता है। ऐसे में संभव है कि वह यहां भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश करें।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट का कहना है कि रीता बहुगुणा का भाजपा में आना कांग्रेस के लिए बहुत बड़ा झटका है। उन्होंने कहा कि उनका कार्य क्षेत्र क्या होगा, इस बारे में तो पार्टी तय करेगी, लेकिन इसका लाभ भाजपा को उत्तराखंड में भी मिलेगा।
रीता बहुगुणा के भाजपा में शामिल होने पर मुख्यमंत्री हरीश रावत की चुटकी पर उन्होंने कहा कि उनको तो पता ही नहीं होता है कि कब क्या बोलना है। उनके बारे में तो यही कहा जा सकता है कि रस्सी जल गई पर बल नहीं गया।