फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   rishikesh-karnprayag railway line: Village in trouble due to tunnel explosions

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन: सुरंग के लिए हो रहे विस्फोटों से गांव पर संकट, दरारों से पटे घर, आंगन, गोशालाएं

Mon, 20 Dec 2021 07:40 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal विनय बुुहुगुणा, संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग
विनय बुुहुगुणा, संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 20 Dec 2021 07:40 PM IST
सार

रुद्रप्रयाग जिले में रेल लाइन 11 गांवों से होकर गुजर रही है। इन दिनों सभी क्षेत्रों में निर्माण कार्य जोरों पर है, लेकिन रेल लाइन निर्माण के लिए जिस तरह से विस्फोटकों का इस्तेमाल हो रहा है, उससे गांवों को नुकसान हो रहा है।

विज्ञापन
rishikesh-karnprayag railway line: Village in trouble due to tunnel explosions
- फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन की सुरंग के निर्माण के लिए हो रहे विस्फोटों से रानीगढ़ पट्टी के मरोड़ा गांव का अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। गांव में घरों से लेकर चौक, खेत और गोशालाएं दरारों से पटी हुई हैं, जो कभी भी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकती हैं। गांव के 19 परिवार अन्यत्र शरण ले चुके हैं। प्रभावितों ने शासन, प्रशासन और आरवीएनएल से सुरक्षित पुनर्वास की मांग की है।

विज्ञापन


रुद्रप्रयाग जिले में रेल लाइन 11 गांवों से होकर गुजर रही है। इन दिनों सभी क्षेत्रों में निर्माण कार्य जोरों पर है, लेकिन रेल लाइन निर्माण के लिए जिस तरह से विस्फोटकों का इस्तेमाल हो रहा है, उससे गांवों को नुकसान हो रहा है। हालत यह है कि अगस्त्यमुनि ब्लॉक की रानीगढ़ पट्टी के मरोड़ा गांव के अस्तित्व पर ही संकट आ खड़ा हुआ है। गांव में मकान और गोशालाएं दरारों से पटी हैं। यहां रह रहे 40 परिवारों में से 19 परिवार सुरक्षा की खातिर अपने मकान छोड़कर अन्यत्र शरण ले चुके हैं। दरारों के लगातार बढ़ने से अन्य परिवार भी सुरक्षित स्थान पर जाने की तैयारी में हैं। 
विज्ञापन

 
ग्रामीण बोले, कभी भी हो सकती है अनहोनी
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सभी आवासीय मकानों,  गोशालाओं और खेतों में गहरी व चौड़ी दरारें पड़ी हैं, जो दिनोंदिन बढ़ रही हैं, इस स्थिति में गांव में कभी भी किसी अनहोनी से इंकार नहीं किया जा सकता। वन पंचायत सरपंच देवी प्रसाद थपलियाल, मातबर सिंह रावत, नरोत्तम सिंह रावत, अरविंद सिंह बुटोला, गंगादत्त थपलियाल, राय सिंह नेगी, विनोद सिंह नेगी आदि ने बताया कि गांव के ठीक नीचे से गुजरने वाले रेल लाइन के लिए पिछले कई दिनों से सुरंग का निर्माण हो रहा है। आए दिन हो रहे विस्फोटों से लोग सहमे हैं। उनके मकान और अन्य संपत्तियां कभी भी मलबे के ढेर में समा सकती हैं। उन्होंने रेलवे विकास निगम और जिला प्रशासन से गांव के पुनर्वास की मांग की है। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन


औने-पौने दामों पर बेच रहे मवेशी 
दरारों से घर और गोशालाओं के जर्जर होने से लोग भयभीत हैं। पशुपालक अपने मवेशियों, गाय, भैंस, बैल, बकरियों को औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर हैं। कई परिवार अपने मवेशी बेच चुके हैं। मरोड़ा में बिगड़ते हालात के बीच जिला प्रशासन ने आरवीएनएल को ग्रामीणों को अन्यत्र सुरक्षित स्थानों पर बसाने के लिए कार्रवाई अमल में लाने को कहा है। साथ ही अन्यत्र शरण ले रहे परिवारों का किराया भुगतान के निर्देश भी दिए गए हैं।


मरोड़ा गांव के 19 परिवार अभी तक अन्यत्र शरण ले चुके हैं, जिनका किराया आरवीएनएल वहन कर रहा है। साथ ही आरवीएनएल को गांव के विस्थापन को लेकर भी कार्रवाई करने को कहा गया है। इस संबंध में आरवीएनएल और ग्रामीणों के साथ जल्द दूसरी बैठक की जाएगी।
- मनुज गोयल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed