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Rishikesh-Karnprayag Rail Line: भारत की सबसे लंबी रेल सुरंग हुई आर-पार, सीएम धामी और रेल मंत्री भी पहुंचे

Wed, 16 Apr 2025 05:15 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, श्रीनगर गढ़वाल
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रीनगर गढ़वाल Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 16 Apr 2025 05:15 PM IST
सार

Rishikesh-Karnprayag Rail Line: ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक 125 किलोमीटर लंबी इस ब्रॉडगेज रेल लाइन पर कुल 17 सुरंगें बनाई जा रही हैं, जिनमें से लगभग 104 किलोमीटर का रेल मार्ग सुरंगों के अंदर से गुजरेगा।

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Rishikesh-Karnprayag Rail Line longest tunnel Breakthrough in Janasu Pauri CM Dhami and Railway Minister reach
ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन की सुरंग का ब्रेकथ्रू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड के देवप्रयाग सौड़ से जनासू के बीच बन रही भारत की सबसे लंबी सुरंग (14.57 किलोमीटर) का बुधवार को सफलतापूर्वक ब्रेक-थ्रू हो गया है। इस मौके पर पहुंचे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेल विकास निगम लिमिटेड ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा यह एक बड़ा माइल स्टोन अर्जित हुआ है। ब्रेक थ्रू के बाद रेल मंत्री और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुरंग का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों से जानकारी ली। केंद्रीय रेलवे मंत्री ने सभी को बधाई दी।

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रेल मंत्री ने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का कार्य तेजी से प्रगति कर रहा है और जल्द ही यहां संचालन शुरू होने की उम्मीद है। कहा, यह परियोजना राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि देवप्रयाग सौड़ से जनासू तक 14.57 किलोमीटर लंबी रेलवे सुरंग उत्तराखंड की ही नहीं बल्कि पूरे भारत में सबसे लंबी सुरंग है।
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उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की पहल पर यह पहली बार है जब देश के पहाड़ी इलाकों में रेल सुरंग बनाने के लिए टीबीएम तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। 9.11 मीटर व्यास वाली इस सिंगल-शील्ड रॉक टीबीएम ने काम में जो तेजी और सटीकता दिखाई है, वह वैश्विक स्तर पर एक नया मापदंड स्थापित करेगी। आरवीएनएल ने भारत के सबसे मुश्किल इलाकों में आधुनिक निर्माण तकनीक में अपनी मजबूत जगह बनाई है। यह सफलता न सिर्फ एक सुरंग की कहानी नहीं, बल्कि एक नए, मजबूत और कनेक्टेड भारत की शुरुआत है। इस अवसर पर सांसद अनिल बलूनी, कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत और देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी मौजूद रहे।

Rishikesh-Karnprayag Rail Line longest tunnel Breakthrough in Janasu Pauri CM Dhami and Railway Minister reach

टनकपुर बागेश्वर रेल परियोजना का सर्वे पूरा : सीएम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना राज्य के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने में एक अहम भूमिका निभाएगी। यह न केवल स्थानीय लोगों के लिए आवागमन को सरल बनाएगी, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी एक नई गति देगी। देवप्रयाग-सौड़ से श्रीनगर जनासू तक की यह सुरंग तकनीकी दृष्टि से भी एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि टनकपुर बागेश्वर रेल परियोजना का सर्वे भी हो चुका है जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस मौके जिलाधिकारी पौड़ी डॉ.आशीष चौहान, जिलाधिकारी टिहरी मयूर दीक्षित, आरवीएनएल के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर प्रदीप गौर, अपर जिलाधिकारी अनिल सिंह गर्ब्याल, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक राम चंद्र शेट, जीएम उत्तर रेलवे अशोक कुमार वर्मा, प्रबंधक निदेशक भानु प्रकाश, मुख्य परियोजना प्रबंधक आरवीएनएल अजित यादव, जीएम आरवीएनएल सुमित जैन आदि मौजूद रहे।

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