Ankita Murder Case: नहर में धक्का देने का नहीं कोई पुख्ता सबूत, पुलिस को मिली आरोपियों की 14 दिन की रिमांड
अंकिता हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ने में अभी पुलिस को समय लगेगा। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने शराब के नशे में विवाद के बाद अंकिता को नहर में धक्का दे दिया। इसी आधार पर एसडीआरएफ की टीम ने सर्च अभियान भी शुरू कर दिया।
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अंकिता भंडारी की हत्या के मामले को अभी पुलिस पूरी तरह से सुलझा नहीं पाई है। पुलिस को युवती को नहर में धक्का देने के कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है। केवल आरोपियों के बयान के आधार पर पुलिस नहर में सर्च अभियान चला रही है। पुलिस को न्यायालय से आरोपियों की 14 दिन की रिमार्ड मिली है। ऐसे में पूछताछ और जांच के बाद मामले का पूरी तरह से खुलासा होगा।
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अंकिता हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ने में अभी पुलिस को समय लगेगा। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने शराब के नशे में विवाद के बाद अंकिता को नहर में धक्का दे दिया। इसी आधार पर एसडीआरएफ की टीम ने सर्च अभियान भी शुरू कर दिया। लेकिन अभी तक अंकिता के नहर में डूबने की पुष्टि नहीं हुई। वहीं अभी शव बरामद न होने चलते दुष्कर्म जैसे किसी घटना की पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अंकिता की शव को रिजॉर्ट में छिपाया जा सकता है।
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रिजॉर्ट में निर्माण कार्य भी चल रहा हैं, ऐसे में शव को छिपाना भी आसान हैं। वहीं अंकिता की हत्या के बाद भी शव को नहर में फेंकने की आशंका है। ऐसे में सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं एसएसपी शेखर सुयाल ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों को कोटद्वार न्यायालय में पेश किया। न्यायालय से आरोपियों की 14 दिन की रिमांड मिली है। वहीं एसडीआरफ भी शव को खोजने के अभियान चला रही है। आरोपियों से पूछताछ और जांच के बाद मामला और अधिक स्पष्ट हो पाएगा।
अंकिता हत्याकांड को लेकर यूकेडी का हंगामा
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल ने लक्ष्मणझूला थाने में जमकर हंगामा किया। यूकेडी ने आरोपितों को जनता के सुपुर्द करने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने संबंधित पटवारी के खिलाफ भी उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
यूकेडी के केंद्रीय मीडिया प्रभारी शिव प्रसाद सेमवाल ने आरोपितों को फांसी की सजा देने और उनके रिसॉर्ट पर बुलडोजर चलाने की मांग की। यूकेडी कार्यकर्ताओं ने थाने में उपस्थित उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। यूकेड़ी कार्यकर्ताओं ने आरोपितों को बचाने में संबंधित पटवारी की भूमिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल बर्खास्त करने और जेल भेजने की मांग की। कहा यदि 24 के घंटे के अंदर अंकिता का पता नहीं लगता तो उत्तराखंड क्रांति दल सड़कों पर जन आंदोलन छेड़ देगा।
इस मौके पर केंद्रीय महामंत्री मोहन सिंह असवाल, उत्तरा पंत बहुगुणा, अनुपम खत्री, प्रमोद डोभाल, जेपी जोशी, उपेंद्र सकलानी, रविन्द्र सेमवाल, राकेश भट्ट, दीपक सेमवाल, जयप्रकाश जोशी, संजय पंवार, प्रमिला रावत, सोमेश, शकुंतला रावत आदि शामिल थे।