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हिमालय क्षेत्र में कभी था गैंडों का राज रहा

Mon, 18 Apr 2016 04:04 PM IST
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 18 Apr 2016 04:04 PM IST
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Rhinos in the Himalayan region
गैंडा

मोहंड (सहारनपुर) से जम्मू कश्मीर तक भले ही आज एक भी गैंडा नजर नहीं आता हो, लेकिन कभी हिमालयी रेंज में गैंडों का राज रहा है।

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गैंडों की पांच प्रजातियों का यहां जलवा था। पूरी रेंज में इनकी आबादी बिखरी हुई थी। गैंडे आदि मानव के साथ शिवालिक रेंज में बेखौफ जीते थे, लेकिन जलवायु परिवर्तन ने सब नेस्तनाबूद कर दिया। एंथ्रोपोलॉजिकल सोसाइटी आफ इंडिया (एएसआई) को हिमालयी क्षेत्र में गैंडों के 80 लाख साल पुराने जीवाश्म मिले हैं। इन जीवाश्मों की जांच से हिमालय में गैंडों के राज का खुलासा हुआ।
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बात उस वक्त की है जब अपर-मध्य शिवालिक वजूद में नहीं आया था। हिमालयी रेंज की शान निम्न शिवालिक हुआ करता था। तब यहां जलाशयों की भरमार थी और भूमि दलदली थी। विज्ञानियों का कहना है कि यहां लगभग एक करोड़ साल पहले गैंडे की उत्पत्ति हुई। फिर मध्य शिवालिक उगा। तब गैंडों की पांच प्रजातियां यहां रहती थीं। गैंडे की थीरियम प्रजाति सिरमौर हुआ करती थी।
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जैसे ही उच्च शिवालिक रेंज उगनी शुरू हुई और हिमालयी रेंज में विकट जलवायु परिवर्तन आया, ठंडक बढ़ गई तो गैंडों के लिए जीना मुश्किल हो गया। गैंडों की तीन प्रजातियां मौसम के इस बदलाव में पूरी तरह नष्ट हो गईं। उसी समय आदि मानव की नस्लें भी खत्म हुई थीं। जलवायु परिवर्तन के इस जानलेवा आक्रमण के चलते कुछ गैंडे नर्मदा घाटी की तरफ भागे और कुछ तंजानिया, कीनिया और अफ्रीका सफारी की तरफ निकल गए।


कुछ भारत में उत्तर-पूरब की तरफ चले गए, जहां काजीरंगा पार्क (असम) में गैंडे बचे हुए हैं। गैंडों के साथ आदि मानव भी हिमालय रेंज से पलायन करने लगे थे। एएसआई को उत्तराखंड के अलावा हिमाचल प्रदेश के विलासपुर जिला, रामनगर, उधमपुर, जम्मू कश्मीर से गैंडों के जीवाश्म मिले हैं। हिमालय से पलायन करके नर्मदा घाटी में आबाद हुए गैंडों के जीवाश्म भी एएसआई को मिले हैं। नर्मदा घाटी में मिले ये जीवाश्म तीन लाख साल पुराने बताए गए।

हिमालयी रेंज में गैंडों की पांच प्रजातियों की आबादी रही हैं। यहां से गैंडे का जबड़ा, दांत आदि मिले हैं। हिमालय में जलवायु परिवर्तन के बाद गैंडे नर्मदा घाटी में चले गए। वहां से भी जीवाश्म मिले हैं। हिमालय के तकरीबन 80 लाख साल और नर्मदा घाटी में मिले जीवाश्म करीब तीन लाख साल पुराने हैं।
- डा. एआर सांख्यान, वरिष्ठ मानव विज्ञानी, एंथ्रोपोलॉजिकल सोसाइटी आफ इंडिया

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