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Dehradun News: वार्डाें में मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने और शहरों में ट्रंचिंग ग्राउंड की कमी का मुद्दा छाया

Wed, 26 Nov 2025 08:21 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 26 Nov 2025 08:21 PM IST
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Review meeting of the Sixth Finance Commission:
- जिला पंचायत सभागर में आयोजित हुई छठे वित्त आयोग की समीक्षा बैठक
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- जनप्रतिनिधियों ने की वित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि को बढ़ाने की पेशकश
संवाद न्यूज एजेंसी
देहरादून। जिला पंचायत के सभागार में
आयोजित छठे वित्त आयोग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में विकास योजनाओं पर चर्चा की गई। निकाय एवं पंचायत के प्रतिनिधियों ने क्षेत्र के विकास के लिए बजट, योजनाओं की आवश्यकता और स्थानीय प्राथमिकताओं के बारे में अपने सुझाव दिए। साथ ही नगर निकायों में शामिल ग्रामीण वार्डाें में मूलभूत सुविधाओं का अभाव, शहरों में कूडा निस्तारण के लिए ट्रंचिंग ग्राउंड की कमी, ग्राम पंचायत में कूड़ा निस्तारण सहित अन्य समस्याएं रखीं। जनप्रतिनिधियों ने वित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि को बढ़ाने की पेशकश की।

बुधवार को आयोग के अध्यक्ष एन रविशंकर की अध्यक्षता में हुई बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि आयोग से शहरी क्षेत्रों में 60 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों को 40 प्रतिशत के हिसाब से धनराशि आवंटित की जाती है। दुर्गम परिस्थितियों में ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी शहरों से अधिक समस्याएं है, इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों में 60 प्रतिशत और शहर के लिए 40 प्रतिशत करना चाहिए। यह भी मांग रखी गई कि खनन राजस्व में भी कुछ अंश पंचायतों को मिलना चाहिए। आयोग के अध्यक्ष एन. रविशंकर ने राज्य वित्त आयोग की भूमिका एवं कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आयोग की भूमिका मुख्य रूप से राज्य सरकार और स्थानीय निकाय व पंचायतों के बीच वित्तीय संसाधनों के वितरण की सिफारिश करना है, ताकि स्थानीय निकायों व पंचायतों को पर्याप्त वित्तीय संसाधन मिले और वे अपने कार्याें को प्रभावी ढंग से कर सकें। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से विकास कार्याें के पंचवर्षीय प्रस्ताव के साथ अगले 20 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार करने पर जोर दिया। अध्यक्ष ने कहा कि जो योजनाएं केंद्र, राज्य और जिला सेक्टर में स्वीकृत नहीं हैं उनको वित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि से पूरा कराया जाना चाहिए। निकाय व पंचायतों के पास जनहित में यदि कोई विशेष प्रोजेक्ट है तो इसके लिए आयोग अलग से सिफारिश कर सकता है। अध्यक्ष ने कहा कि शहरीकरण एक सतत प्रक्रिया है। शहरों में जनसंख्या घनत्व तेजी से बढ़ रहा है। यहां बेहतर प्लानिंग, तकनीकी और इंटीग्रेटेड एप्रोच के साथ विकास कार्य किए जाना आवश्यक है। जनप्रतिनिधियों ने जो महत्वपूर्ण सुझाव दिए है उनको आयोग अपनी संस्तुति के साथ राज्य सरकार के समक्ष रखेगा। इस दौरान छठे वित्त आयोग के सदस्य पीएस जंगपांगी, डाॅ. एमसी जोशी, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, परियोजना निदेशक डीआरडीए विक्रम सिंह, निकायों के अधिशासी अधिकारी आदि मौजूद थे।
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