देहरादूनः महज दो लाख रुपए के लिए करीबी ने ही की रिटायर्ड महिला अधिकारी की हत्या
दून विहार में लूटपाट के दौरान हुई रक्षा लेखा नियंत्रक (सीडीए) से सेवानिवृत्त महिला अधिकारी गुलशन चड्ढा की हत्या का पुलिस ने 18 घंटाें में ही खुलासा कर दिया। हत्यारोपी कुलविंदर सिंह उर्फ करन को पुलिस ने अमृतसर से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार अलमारी से जेवर निकालने का विरोध करने पर आरोपी ने बुजुर्ग महिला को धक्का दे दिया था, जिस कारण वह फर्श पर गिरकर बेहोश हो गई थी। इसके बाद आरोपी नगदी और जेवरात बैग में भरकर फरार हो गया था। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने दो लाख रुपये का कर्ज उतारने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया।
राजपुर की पॉश कालोनी दून विहार में गुलशन चड्ढा की बृहस्पतिवार दोपहर हत्या कर कई लाख की नगदी और जेवरात लूट लिए गए थे। शाम के समय जाकर पुलिस को घटना का पता चला। एसएसपी अरुण मोहन जोशी और पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे ने कुछ घंटों की भागदौड़ के बाद ही देर रात हत्या की गुत्थी सुलझा दी थी।
आरोपी कुलविंदर सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को अमृतसर में उसके पैतृक घर भेजा गया था। पुलिस टीम ने शुक्रवार सुबह आरोपी कुलविंदर सिंह उर्फ करन पुत्र सिघारा सिंह निवासी गली नंबर 18, गोविंदपुरा थाना सियादा अमृतसर (पंजाब) को गिरफ्तार कर लिया। देर रात पुलिस उसे लेकर देहरादून पहुंच गई।
एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने पत्रकाराें को बताया कि कुलविंदर ने प्रवेश चड्ढा के बेटे सन्नी की शादी में कैटरिंग का काम किया था। इस कारण कुलविंदर का चड्ढा परिवार में आना-जाना हो गया था। एक दिन वह किसी काम से उनके घर गया था। इसी दौरान बिस्तर पर रखी ज्वेलरी पर उसकी नजर पड़ी। तब से उसके मन में लालच आ गया था। उसे पता था कि दिन में गुलशन चड्ढा घर में अकेली रहती हैं।
आर्थिक तंगी के चलते लूटपाट की योजना बनाई
कुछ देर बैठने के बाद जब गुलशन चड्ढा दूसरे कमरे में गईं तो कुलविंदर ने अलमारी में रखी ज्वेलरी, नगदी आदि बैग में भर लिया। इसी बीच गुलशन चड्ढा वहां पहुंची तो उन्होंने विरोध किया।
आरोपी ने उसी समय बुजुर्ग महिला को जोर से धक्का दे दिया। नतीजा यह हुआ कि वह नीचे गिरकर बेहोश हो गईं। घबराहट में आरोपी सामान समेट कर पहले अपने किराए के कमरे में गया और वहां से अमृतसर भाग गया। पत्रकार वार्ता के दौरान एसपी सिटी श्वेता चौबे, सीओ मसूरी अरविंद रावत मौजूद रहे।
कोरियर डिलीवरी ब्याय ने बताया करन का हुलिया
कोरियर डिलीवरी ब्याय की बदौलत आरोपी की पहचान करने में पुलिस को काफी मदद मिली। एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि गुलशन के पति प्रवेश चड्ढा से बातचीत के दौरान पता चला कि दोपहर 1:50 बजे एक कंपनी का डिलीवरी ब्याय कोरियर लेकर आया था। पुलिस ने उसे बुलाकर पूछताछ की तो पता चला कि उस समय घर में एक और शख्स था। पहले आवाज देने पर वह शख्स आया था।
गुलशन चड्ढा बाद में आईं। डिलीवरी ब्वाय द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर पीड़ित परिवार ने उसकी पहचान कुलविंदर सिंह उर्फ करन निवासी दून विहार के रूप में की। गेट के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में भी आरोपी की तस्वीर कैद हो गई थी। पुलिस उसकी तलाश में किराए के मकान पर पहुंची। मकान मालिक ने बताया कि कुलविंदर अमृतसर जाने की बात कहकर गया है। इसी आधार पर राजपुर एसओ अशोक राठौड की अगुवाई में टीम को अमृतसर भेजा गया था।
अमृतसर में दर्ज हैं कई मुकदमे
एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि आरोपी कुलविंदर उर्फ करन के खिलाफ अमृतसर में भी कई मुकदमे बताए गए हैं। ये मुकदमे धोखाधड़ी से संबंधित हैं। इन मुकदमों के बारे में अमृतसर पुलिस से जानकारी मांगी गई है, ताकि आरोपी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा सके।
आरोपी से यह हुई बरामदगी
पुलिस ने गुलशन चड्ढा की हत्या के बाद लूटपाट में गई सोने तीन चैन, एक लॉकेट, चार जोड़ी टाप्स, डायमंड और सोने की अंगुठियां, गले का हार, कंगन, कान के झुमके, पाजेब, बिच्छुए, चांदी का कमर बंद, मृतका गुलशन चड्ढा का मोबाइल, लूट की धनराशि से खरीदा मोबाइल के अलावा 10 हजार रुपये की नगदी बरामद की है।
पुलिस टीम को 10 हजार का इनाम
पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने कुछ ही घंटों में मामले का खुलासा करने वाली टीम को 10 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। टीम में में शामिल एसपी सिटी श्वेता चौबे, सीओ विवेक कुमार, एसओजी प्रभारी ऐश्वर्य पाल, राजपुर एसओ अशोक राठौड, जाखन चौकी प्रभारी संदीप रावत, उप निरीक्षक ज्योति प्रसाद उनियाल, आरती कुलड़ा, कांस्टेबल गौरव, संदीप, अमित राणा, प्रमोद, आशीष, विपिन राणा, पंकज, अरशद, अमित और ललित शामिल थे। आईजी गढ़वाल अजय रौतेला ने भी पुलिस टीम की पीठ थपथपाई है।
एक बहन डॉक्टर, दूसरी प्रोफेसर, कुलविंदर कलंक
कानून के शिकंजे में फंसा कुलविंदर सिंह परिवार के लिए कलंक बन गया है। उसके पिता सिघारा सिंह की पहचान अमृतसर में संपन्न लोगों में है। सिघारा सिंह खुद आर्मी से रिटायर्ड हैं। कुलविंदर की एक बहन डाक्टर है और विदेश में सेवा दे रही है, जबकि दूसरी बहन एक कालेज में प्रोफेसर बताई गई है। परिवार से झगड़ा होने के कारण कुलविंदर दून आ गया था। कई माह से उसकी परिवार से बातचीत भी नहीं हो रही थी। शुक्रवार सुबह कुलविंदर की करतूत उजागर होने के बाद से पूरा परिवार शर्मसार है।