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ये उत्तराखंड है, यहां सीएम का निर्देश मतलब कुछ नहीं

Mon, 13 Oct 2014 06:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 13 Oct 2014 06:42 AM IST
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Restructuring of departments in uttarakhand.

विभागों के पुनर्गठन का मामला अधर में लटक कर रह गया है। पुनगर्ठन की सुस्त रफ्तार का ही हाल है कि कर्मचारियों के आंदोलन सर उठा रहे हैं और विभागों का अपना काम भी प्रभावित हो रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश और मुख्य सचिव के रिमाइंडर भेजे जाने के बाद भी विभागों की यह सुस्ती टूट नहीं रही है।

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प्रदेश में कई विभाग ऐसे हैं जिनका पुनर्गठन राज्य स्थापना के बाद से नहीं हुआ है। इसी तरह कई विभागों की नियमावली भी नहीं है। पुनर्गठन के तहत विभागों के ढांचे में बदलाव कर विभागों के काम काज को पटरी पर लाना था।
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इसी तरह नियमावली लागू होने पर कर्मचारियों के पदोन्नति और अन्य मसलों का समाधान हो पाता, पर विभागों की सुस्ती के चलते यह सारा मामला अधर में लटका हुआ है। यही कारण है कि आंदोलनरत अधिकतर कर्मचारी संगठनों की मांग पत्र में पहला बिंदु विभागों के पुनगर्ठन का ही रहता आया है।
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लोक निर्माण विभाग, उद्यान, कृषि, पंचायत, वन, ऊर्जा सहित एक दर्जन से ज्यादा विभाग हैं जिनके पुनर्गठन की मांग लंबे समय से की जा रही है।

स्टाफिंग पैटर्न तय करने में छूट रहे हैं पसीने

Restructuring of departments in uttarakhand.

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष प्रहलाद सिंह के मुताबिक ढांचों का पुनर्गठन होने पर कर्मचारियों की आधी से ज्यादा समस्याओं का समाधान खुद ही हो जाएगा। नियमावली न बनने से कर्मचारियों के पदोन्नतियों के मामले में भी विवाद रहता है।

दूसरी ओर शासन का कहना है कि विभागों को जल्द से जल्द पुनर्गठन का प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है। ढांचों के पुनर्गठन में स्टाफिंग पैटर्न को तय करने की सबसे अधिक दिक्कत र्है।

शहरी विकास विभाग ने दिखाई तेजी
शहरी विकास मंत्री प्रीतम पंवार की सक्रियता ही काम आई। प्रीतम ने शहरी विकास, आवास सहित अपने मंत्रालय से संबंधित महकमों के अधिकारियों की बैठक कर पुनर्गठन के प्रस्ताव तैयार कराए।

अब प्रीतम पंवार का कहना है कि  प्रस्ताव तैयार कर लिए गए हैं और इनको अंतिम रूप दिया जा रहा है। जल्द ही यह प्रस्ताव कैबिनेट में रखे जाएंगे। निकायों के पुनर्गठन के प्रस्ताव को 15 दिन में अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।

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