फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Reservation in promotion: Uttarakhand government and striking employees adamant

प्रमोशन में आरक्षण: उत्तराखंड सरकार और हड़ताली कर्मचारी जिद पर अड़े

Fri, 13 Mar 2020 09:56 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 13 Mar 2020 09:56 AM IST
सार

  • सरकारी प्रवक्ता मदन कौशिक ने कहा - पहले  हड़ताल समाप्त करें कर्मचारी
  • कर्मचारियों की मांग पहले सरकार जारी करे आदेश

विज्ञापन
Reservation in promotion: Uttarakhand government and striking employees adamant
मदन कौशिक - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

प्रमोशन में आरक्षण के खिलाफ सड़कों पर उतरे हड़ताली जनरल ओबीसी कर्मचारी और सरकार के बीच का गतिरोध नहीं टूट रहा है। सरकारी प्रवक्ता मदन कौशिक ने साफ कहा कि पहले कर्मचारी हड़ताल वापस लें, इसके बाद ही सरकार कोई फैसला करेगी। हड़ताली कर्मचारियों का साफ कहना था कि प्रमोशन में आरक्षण के खिलाफ आदेश जारी न होने तक हड़ताल जारी रहेगी। 

विज्ञापन


विधानसभा में हड़ताल में शामिल कर्मचारियों की टोह लेने के लिए पहुंचे कर्मचारी नेताओं को शहरी विकास मंत्री और सरकारी प्रवक्ता मदन कौशिक विधानसभा के गलियारे में ही मिल गए थे। कर्मचारी नेताओं ने मंत्री से प्रमोशन में आरक्षण के मामले में सरकार को फैसला लेने के लिए कहा। इस पर मंत्री ने साफ कहा कि हड़ताल समाप्त होने पर ही यह फैसला लिया जा सकता है।
विज्ञापन


कौशिक ने कर्मचारी नेताओं से यह भी कहा कि बजट सत्र जारी है और इस कारण हड़ताल से बजट सत्र भी प्रभावित है। ये कर्मचारी नेता विधानसभा में यह देखने पहुंचे थे कि हड़ताल में शामिल कर्मचारी काम तो नहीं कर रहे हैं। एक कर्मचारी नेता के मुताबिक ऐसे सभी कर्मचारियों को चेतावनी भी जारी की गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

16 मार्च से नर्सें भी हड़ताल पर

उत्तराखंड नर्सेज सर्विसेज एसोसिएशन की अध्यक्ष मीनाक्षी जखमोला ने भी जनरल ओबीसी कर्मियों के समर्थन में 16 मार्च से पूरी तरह से हड़ताल में शामिल होने का एलान किया है। एसोसिएशन की ओर से स्वास्थ्य सचिव और महानिदेशक को भेजे गए पत्र में एसोसिएशन ने कहा कि जनरल ओबीसी वर्ग के स्वास्थ्य कर्मी अभी दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर रहे हैं।

यह कार्य बहिष्कार 15 मार्च तक ही जारी रहेगा। एसोसिएशन 16 मार्च से पूरी तरह से हड़ताल में शामिल होगी। अध्यक्ष के मुताबिक इतना जरूर है कि अस्पतालाें में कोरोना वायरस का संक्रमण पाया जाता है तो कुछ लोग काम पर कुछ घंटे की ड्यूटी पर वापस आ सकते हैं।  

उधर, बृहस्पतिवार को कई और कर्मचारी संगठन हड़ताल में शामिल हो गए। पूर्व सैनिकों के संगठन चमोली सर्विस लीग ने भी सीएम को पत्र लिखकर जनरल ओबीसी कर्मियों की मांग मानने का आग्रह किया है।

इसी तरह डिप्लोमा पशु चिकित्सा फार्मासिस्ट संघ के अध्यक्ष पीएल ममगाईं ने भी हड़ताल का समर्थन किया। उत्तराखंड एक्साइज कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल एसोसिएशन ने भी हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। 

जनरल ओबीसी स्वाभिमान रैली है यह 

मशाल जुलूस और धरने में जिस तरह से बड़ी संख्या में जनरल ओबीसी कर्मचारी शामिल हुूए, उससे इस रैली को सामान्य ओबीसी स्वाभिमान रैली कहा जा सकता है। कर्मचारी अब और अधिक संघर्ष के लिए भी तैयार हैं। यह लड़ाई अगर लंबी चली तो सरकार को ही सबसे ज्यादा नुकसान उठाना होगा। - दीपक जोशी, अध्यक्ष जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed